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डाउनलोड करेंभोपाल. राजधानी की सफाई व्यवस्था एक बार फिर बेपटरी हो गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण को डेढ़ माह बीत चुके हैं। रिजल्ट का इंतजार है। शहर में स्वच्छता की भले ही कोई भी रैंकिंग आए, लेकिन सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। आलम यह है कि शहर से सिर्फ 50% ही कचरा उठाकर आदमपुर छावनी भेजा जा रहा है, यानी शेष 50% कचरा या तो जलाकर नष्ट किया जा रहा है या फिर शहर में ही खाली और गहराई वाले स्थानों में डालकर भराव किया जा रहा है। शहर में डंप हो रहा और जलकर जहरीले धुएं में तब्दील हो रहा कचरा न केवल शहर की आबोहवा दूषित कर रहा है, बल्कि शहरवासियों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डाल रहा है।
15 मई तक आएगा रिजल्ट
स्वच्छता सर्वेक्षण का रिजल्ट 15 मई तक आने की संभावना है। इस साल सर्वेक्षण का परिणाम शहर की जनता के फीडबैक पर ज्यादा निर्भर करेगा। पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण का रिजल्ट 4 मई को आया था।
भोपाल नगर निगम अपर कमिश्नर एमपी सिंह ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण का रिजल्ट अगले माह 15 मई तक आ सकता है। उम्मीद है हम फिर से बेहतर स्थिति में आएंगे। कचरा नहीं उठने की कहीं से भी शिकायत आती है तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा। ज्यादातर जगहों से कचरा वक्त पर उठा लिया जाता है।
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