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बिग कंट्रोवर्सी: राजस्थान राॅयल्स का आरोप- सरकारी एजेंसियां नहीं दे रहीं सहयोग

3 वर्ष पहले
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जयपुर. जयपुर में चार साल बाद बुधवार को आईपीएल का पहला मैच हुआ। लेकिन बाकी बचे 6 मैचों पर संकट खड़ा हो गया है। राजस्थान रॉयल्स टीम मैनेजमेंट और नगर निगम पहले से आमने-सामने हैं। अब टीम प्रबंधन ने खेल मंंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को पत्र लिखा है। इसमें आरोप लगाया कि नगर निगम जैसी सरकारी एजेंसियां सहयोग नहीं कर रही, इसलिए चेन्नई की तरह जयपुर से भी मैच कहीं और ले जाए जा सकते हैं। 

 


- दूसरी ओर, नगर निगम के मेयर अशोक लाहोटी ने कहा-पांच नोटिस दिए जाने के बावजूद जो मीटिंग में तय हुआ था, उसके अनुसार सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा रहे। इस बीच, खेल मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने राजस्थान रॉयल्स को सहयोग का पूरा भरोसा दिलाया। वे बोले- राजस्थान रॉयल्स को बार-बार क्यों परेशान किया जा रहा है। मामले को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने रखूंगा। देर रात वे उनके घर भी पहुंच गए।

 

राजस्थान रॉयल्स: दो दिन हो गए स्टेडियम से कूड़ा तक नहीं हटवाया, एनओसी भी दिलवाएं

- नियमित रूप से कूड़े का निस्तारण नहीं किया जा रहा
- नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं की जा रही
- स्टेडियम में वेंडर और पर्याप्त संख्या में स्टाफ को आने-जाने दिया जाए 
- बीसीसीआई नियमों के अनुसार विज्ञापन लगाने की अनुमति  मिले
- संबंधित विभागों से एनओसी दिलाई जाए

 

 दो दिन से स्टेडियम से नगर निगम ने कूड़ा नहीं उठाया था। इसलिए हमने प्राइवेट एजेंसी को पैसे देकर स्टेडियम से कूड़ा उठवाया। प्रदेश के खेल मंत्री को पत्र लिखा है। सरकारी एजेंसियों की ओर से सहयोग नहीं मिला तो हमें चेन्नई की तरह कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
-राजीव खन्ना, उपाध्यक्ष राजस्थान रॉयल्स 

 

 

राजस्थान रॉयल्स के चेयरमैन और को-ओनर रंजीत बारठाकुर व उपाध्यक्ष राजीव खन्ना शुक्रवार को दिन में खेल मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से मिले थे। इस दौरान उन्होंने मौखिक के साथ लिखित में भी अपनी पीड़ा बताई। 

 

नगर निगम: जिस शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर से 200 करोड़ कमाएंगे, उसे फीस के रूप में कुछ तो दें

- सीएस के साथ मीटिंग में तय हो गया था मैच से पूर्व स्वच्छता की शपथ दिलाएंगे, ऐसा नहीं हुआ?
- पूरे स्टेडियम को कपड़े व कार्ड बोर्ड जैसी वस्तुओं से ज्वनलशील बना दिया है, जबकि तय हुआ था कि फायर फाइटिंग के तमाम इंतजाम किए जाएंगे।
- 100 फायरमैन नियुक्त करेंगे, उन्हें भेजा तो स्टेडियम में ही नहीं घुसने दिया। पैसा भी नहीं दिया।

 

आरोप लगाया कि जयपुर में सरकारी एजेंसियां अलग-अलग तरीके से परेशान कर रही हैं। कभी मैच टिकट या पास को लेकर तो कभी स्टेडियम से कूड़ा न उठाकर। इससे मैच के आयोजन में परेशानी खड़ी हो रही है।

 

 

 कचरा उठाकर बाहर लाकर देंगे और पैसे जमा कराएंगे तो निगम को कचरा उठाने में कोई दिक्कत नहीं है। सीएस के स्तर पर हुई मीटिंग में जो तय हुआ था, उसके मुताबिक सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जा रहे। नगर निगम ने पांच नोटिस दिए, जिसका पालन नहीं किया जा रहा। जिस शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर से आयोजक 200 करोड़ कमाएंगे, उसे फीस के रूप में कुछ तो देना चाहिए।
- अशोक लाहोटी, मेयर नगर निगम

 

खेल मंत्री: मैच गए तो प्रदेश की साख भी जाएगी, टीम प्रबंधन को पूरा सहयोग देंगे
 काफी प्रयास के बाद तो जयपुर में आईपीएल शुरू हुआ है। राजस्थान रॉयल्स मैच लखनऊ कराने पर विचार कर रहा है। यदि ऐसा हो गया तो प्रदेश की साख गिरेगी। मैंने राजस्थान रॉयल्स के पत्र का जवाब दे दिया है। उन्हें सरकार की ओर से सहयोग का पूरा भरोसा दिलाया है। 

- गजेंद्र सिंह खींवसर, खेल मंत्री

 

मुझे जानकारी नहीं, मैं दिल्ली में हूं : सीपी जोशी
 राजस्थान रॉयल्स ने सरकारी एजेंसियों की ओर से मैच के आयोजन में सहयोग न करने को लेकर खेल मंत्री को कोई पत्र लिखा है। इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं दिल्ली में हूं।

-सीपी जोशी, अध्यक्ष राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन

 

 

 

 

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