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डाउनलोड करेंइंदौर। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की जयंती पर महू में हुए कार्यक्रम को भाजपा ने अपना बना लिया। राष्ट्रपति के सामने मंच से कांग्रेस को कोसना और कांग्रेस द्वारा बाबा साहेब को सम्मान नहीं देने का आरोप लगाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जाहिर की है। कांग्रेस ने इसे भाजपा द्वारा सरकारी तंत्र का दुरुपयोग बताया है।
- कांग्रेस प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने सोमवार को 14 अप्रैल को महू में हुए आयोजन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सलूजा ने कहा कि आंबेडकर जयंती महोत्सव को भाजपा ने जिस तरीके से लिया वह बहुत ही दुखद है। राष्ट्रपति के सामने मंच से कांग्रेस को बार-बार कोसना, ऐसा लगा मानो यह बाबा साहब का नहीं भाजपा का सम्मेलन चल रहा हो। सलूजा ने आरोप लगाया कि एससी/एसटी एक्ट में बदलाव के बाद दो अप्रैल को हुई हिंसा से दलित वर्ग आक्रोशित है। उनके इसी आक्रोश को कम करने के लिए भाजपा ने बाबा साहब के कार्यक्रम को भी राजनैतिक रूप दे दिया। सरकार द्वारा 450 से अधिक बसों के अधिग्रहण के बाद भी सरकार भीड़ नहीं जुटा पाई, जबकि वह लाखों के आने का दावा कर रही थी। इससे यह प्रतीत हो गया कि दलित वर्ग सरकार से खासा नाराज है।
बीजेपी की गुटबाजी नजर आई
बीजेपी खुद ही गुटबाजी का शिकार है और कांग्रेस पर ऐसे आरोप लगाती रहती है। इसका उदाहरण 14 अप्रैल के आयोजन को लेकर छपे आमंत्रण पत्र पर साफ दिखाई दिया। आमंत्रण पत्र से प्रधानमंत्री, स्थानीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय और सांसद सावित्री ठाकुर का नाम गायब था। जबकि प्रोटोकॉल के हिसाब से इनका नाम होना चाहिए था। बाबा साहब के जिस विचारधारा का बीजेपी ने सदैव विरोध किया राजनैतिक लाभ के लिए वह उन्हीं विचारों को अपनाने का दिखावा कर रही है। मंच से सीएम, केन्द्रीय मंत्री बीजेपी को बाबा साहब का सच्चा हितैषी बताते रहे। मैं कहना चाहता हूं कि सभी जानते हैं कि बाबा साहब के सच्चे हितैषी कौन है।
कांग्रेस ने बाबा साहब को बनाया कानून मंत्री
सलूजा ने कहा कि कांग्रेस ही थी जिसने पहले मंत्रीमंडल में बाबा साहब को कानून मंत्री बनाया था। कांग्रेस ने ही अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के संविधान को तैयार करेन के लिए उन्हें समिति के अध्यक्ष पद का दायित्व सौंपा। कांग्रेस ने ही उन्हें 1952 में राज्यसभा भेजा। इसके अलावा देश में आज कई संस्थान बाबा साहब के नाम पर हैं। यह सब कांग्रेस ने ही किया है। इन सब के बावजूद बीजेपी कांग्रेस को राजनैतिक फायदे के लिए बदनाम कर दलित विरोधी बता रही है।
कांग्रेस पर लगाए थे आरोप
बता दें कि 14 अप्रैल को बाबा साहब की जयंती पर उनकी जन्मस्थली महू में एक भव्य आयोजन किया गया था। इसमें सीएम शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोेत ने मंच से कांग्रेस पर बाबा साहब की अनदेखी का आरोप लगए थे। गेहलोत ने कहा था कि एक परिवार ने अपने कईयों को भारत रत्न दे दिया लेकिन बाबा साहब को भारत रत्न से नहीं नवाजा। इसके अलावा उन्होंने बाबा साहब को हराने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा प्रचार किए जाने की बात भी कही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नहीं चाहती थी कि बाबा साहेब जनता द्वारा चुनकर सदन में पहुंचे।
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