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डाउनलोड करेंभोपाल. भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा बुधवार दोपहर 1 बजे हो सकती है। केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली से इसका एलान करेगा। इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खरगौन जिले के भीकनगांव के श्रमिक सम्मेलन में नंदकुमार सिंह की इस पेशकश का खुलासा किया। मंगलवार शाम को नंदकुमार सिंह ने पार्टी दफ्तर में इसकी पुष्टि भी कर दी। उन्होंने कहा कि अपनी इच्छा से मैंने मुख्यमंत्री और पार्टी आलाकमान को जानकारी दे दी है।
शिवराज कैबिनेट के ही कोई सदस्य बन सकता है अध्यक्ष
- राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने केंद्र से भेजे गए नाम पर देर रात तक पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। इनमें मंत्री नरोत्तम मिश्रा, राकेश सिंह, भूपेंद्र सिंह और राजेंद्र शुक्ला शामिल हैं। देर रात जबलपुर से सांसद राकेश सिंह के नाम पर भी बात हुई, लेकिन माना जा रहा है कि शिवराज कैबिनेट के ही एक सदस्य को अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के बाद की गई कोर ग्रुप की बैठक
- पार्टी सूत्रों का कहना है कि नरोत्तम मिश्रा और राकेश सिंह के नाम के अलावा कुछ और नाम भी चर्चा में हैं, जिन पर विचार चल रहा है। प्रदेश पदाधिकारियों और फिर कोर ग्रुप के सदस्यों के साथ बैठक रात 10.30 बजे खत्म हुई। इसके बाद रामलाल ने कोर ग्रुप के कुछ अन्य सदस्यों के साथ अलग से बैठक की। इस्तीफा देने के बाद पार्टी दफ्तर में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में नंदकुमार नहीं गए, लेकिन इसके बाद कोर ग्रुप की बैठक में वे पहुंच गए।
केंद्रीय मंत्री तोमर ने टिप्पणी करने से किया इनकार
- मुख्यमंत्री निवास में रात 10 बजे से सीएम ने मंत्रियों की जो बैठक प्रस्तावित थी, उसे रात नौ बजे रद्द कर दिया गया। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर टिप्पणी करने से मना कर दिया।
विजयवर्गीय बोले-मैं प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में नहीं
- इधर, कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होने भोपाल आए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वे इसकी दौड़ में नहीं। भाजपा ने बड़ी जिम्मेदारी दे रखी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की टीम में मुझे काम करना है।
चार बार पहले भी फोन पर हटने की बात कह चुके थे नंदकुमार : सीएम
- भीकनगांव के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नंदकुमार सिंह ने पहले भी चार बार फोन पर यह इच्छा जताई थी कि वे पद से हटना चाहते हैं। वे संसदीय क्षेत्र में काम करना चाहते हैं क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर वे काफी व्यस्त रहते हैं और अपने संसदीय क्षेत्र में ज्यादा समय नहीं दे पा रहे है। इसलिए वे हटना चाहते है।
जनवरी 2019 तक था कार्यकाल
- नंदकुमार सिंह चौहान पहली बार 16 अगस्त 2014 को प्रदशे अध्यक्ष मनोनीत हुए। वे 4 जनवरी 2016 तक रहे। इसके बाद फिर से वे चुने गए। उनका कार्यकाल 4 जनवरी 2019 को पूरा होना था। लेकिन एक साल पहले ही उन्हें पद से हटना पड़ा।
विवादों से घिरा रहा नंदकुमार सिंह चौहान का कार्यकाल
- नंदकुमार सिहं चौहान का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। चौहान ने बुरहानपुर पावरलूम बुनकर सहकारी संघ में हस्तक्षेप का मामला सामने आया, जिसमें उन्होंने विश्वस्त को अध्यक्ष बनवाया और कपड़ों की सप्लाई का काम बेटे को दिलवा दिया। हेल्थ कार्पोरेशन में सप्लाई के एक मामले से हुई जिसमें कुछ आइटम ऐसे थे, जिनकी सप्लाई बुनकरों द्वारा तैयार सामान से की जा सकती थी।
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