पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

पंजाब, गुजरात, कर्नाटक में अशोक गहलोत के सामने कमजोर पड़ी BJP की रणनीति

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जयपुर. कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार बनना अब तय है। भाजपा को करारी मात खानी पड़ी। लेकिन, राजनीतिक गलियारों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेकर भी चर्चाएं है। इसमें यहां तक कहा जा रहा है कि जब-जब कांग्रेस ने भाजपा के रणनीतिकारों के सामने गहलोत को उतारा है तब-तब कांग्रेस मजबूत होकर निकली है। यानी भाजपा की रणनीति कमजोर पड़ी है। अब कर्नाटक नया नाम जुड़ गया है। हालांकि, इसमें गहलोत के बजाय केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका ज्यादा मानी जा रही है। क्योंकि, भाजपा को रोकने के लिए जेडीएस को सीएम का ऑफर देना, पार्टी नेतृत्व का ही कदम था।  

 

 

 

- राजनीतिक हलकों एवं सोशल मीडिया पर चर्चा है कि गहलोत को पंजाब में स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया तो नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आए। गहलोत को महासचिव बनाकर गुजरात का प्रभार दिया। राज्यसभा चुनाव में अहमद पटेल की जीत भी गहलोत की रणनीति का ही हिस्सा मानी गई। गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कड़ी टक्कर दी। भाजपा की सरकार जाते-जाते रही। अब जब कांग्रेस कर्नाटक में हार गई तो भाजपा को सत्ता से दूर करने के लिए पार्टी ने गुलाब नबी आजाद के साथ गहलोत को भेजा। कांग्रेस की रणनीतिक जीत हुई। चर्चा है कि गहलोत की रणनीति का फायदा राजस्थान सहित 3 राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी लेने की पार्टी की कोशिश रहेगी।

 

 

खबरें और भी हैं...