--Advertisement--

चुनाव को गड़बड़ियों से मुक्त कर सकती है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी- करंट अफेयर्स पर अंडर 30 की सोच

चुनाव में पारदर्शिता लाने, लागत घटाने, वोटों की गिनती की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित अौर प्रामाणिकता के लिए यह उपयोगी साधन

Dainik Bhaskar

Jul 11, 2018, 11:17 PM IST
सागर विश्नोई सागर विश्नोई

सार्वजनिक क्षेत्र में ब्लॉकचेन का उपयोग इस साल एक और नए आयाम पर पहुंच गया जब वेस्ट वर्जीनिया प्राथमिक चुनावों में ब्लॉकचैन द्वारा इंटरनेट वोटिंग की अनुमति देने वाला पहला अमेरिकी राज्य बन गया। हालांकि प्रशासन का इरादा परीक्षण करने का था लेकिन, इसका प्रयोग से कहीं अधिक महत्व है।

एक सुरक्षित और पहले से जांचे गए इंटरफेस का उपयोग कर मोबाइल द्वारा मतदान से धोखाधड़ी को खत्म कर मतदान में बढ़ोतरी संभव है। चुनाव में पारदर्शिता लाने, लागत घटाने, वोटों की गिनती की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि वोटों की गिनती प्रामाणिकता से हो,यह उपयोगी साधन है। वेस्ट वर्जीनिया चुनावों में मोबाइल डिवाइस पर मतदान करने से पहले उपकरण के जरिये थंबप्रिंट स्कैन से मतदाता की पहचान सत्यापित की गई थी। प्रत्येक वोट, वोटों की शृंखला (या चेन) का एक हिस्सा है, जहां यह तीसरी पार्टी द्वारा गणितीय रूप से सत्यापित होता है। चुनाव में ब्लॉकचेन का उपयोग, ओपन सोर्स ब्लॉकचेन वोटिंग प्लेटफार्म के उपयोग से किया जा सकता है।

एक ओपन सोर्स प्लेटफार्म का कोई स्वामित्व नहीं होता, जिससे कोई भी नागरिक या एजेंसी उस एप्लिकेशन की कार्यक्षमता का ऑडिट कर सकती है और इसकी सुरक्षा में सुधार करने में योगदान दे सकती है। हालांकि, ब्लॉकचेन को व्यावहारिक विकल्प बनाने के लिए आने वाली चुनौतियों को दूर करना होगा। अधिकारियों को प्रौद्योगिकी की बारीकियों को समझना होगा और मतदाताओं से प्राप्त प्रतिक्रियाओं का मूल्यांकन करना होगा।

इलेक्ट्रॉनिक मतपत्र की सुरक्षा, मतदाता के कंप्यूटर की सुरक्षा व गोपनीयता, मतदाता पर दबाव, ऑडिट और स्थानीय चुनाव अधिकारी के लिए सुविधा जैसे कई विचारों पर काम करने की आवश्यकता होगी। फिर टेक्नोलॉजी के स्तर पर क्षमताओं का निर्माण करने की आवश्यकता है। नई टेक्नोलॉजी का समर्थन करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति भी अति आवश्यक है। जब सरकार अभी ‘डिजिटल इंडिया’ द्वारा देश का डिजिटल ढांचा ही मजबूत करने में लगी हुई है, ब्लॉकचेन द्वारा देश में चुनाव कराना कुछ प्रयोगों के बाद शायद एक दशक बाद संभव हो पाए।

सागर विश्नोई, 27

अलम्नाई, डिजिटल स्ट्रेटेजी,
कोलंबिया यूनिवर्सिटी
sararvishnoi@gmail.com

X
सागर विश्नोईसागर विश्नोई
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..