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डाउनलोड करें- 14 मई को पंचायत चुनाव में मतदान के दौरान हिंसा फैल गई थी जिसमें 26 से ज्यादा लोगों की मौत हुई
रानीगंज. बंगाल पंचायत चुनाव में मतदान के दिन से गायब पीठासीन अधिकारी का शव मंगलवार को रेलवे ट्रैक पर मिला। पीठासीन अधिकारियों ने इस मामले में जांच की मांग की है। राज्य में सोमवार को 20 जिलों में हुए पंचायत चुनाव में मतदान के दौरान हिंसा हुई थी। इसमें अब तक 26 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। मीडियाकर्मियों समेत 40 से ज्यादा जख्मी हुए थे, इनमें पुलिसवाले भी शामिल थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इस हिंसा पर दुख व्यक्त किया था।
पोलिंग अफसरों ने सड़क पर किया प्रदर्शन
- पुलिस के मुताबिक, पीठासीन अधिकारी राजकुमार राय का शव मंगलवार को उत्तर दिनाजपुर के सोनादांगी के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी।
- राय मद्रासा हाई स्कूल में शिक्षक थे। उन्हें इटाहर में पंचायत चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी बनाया गया था।
- राय का शव मिलने के बाद कई पोलिंग अफसरों ने मौत की जांच की मांग को लेकर रानीगंज- कालियागंज रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस की तरफ से समझाने के बाद लोग जाम हटाने को तैयार हुए।
मतदान के दौरान हुई थी हिंसा
- सोमवार को राज्य में हुए पंचायत चुनावों में हिंसा हुई थी। एजेंसी के मुताबिक, इस हिंसा में अब तक 26 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इसमें 40 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। कई जगहों पर बूथ कैप्चरिंग, बैलट बॉक्स लूटने की घटनाएं सामने आईं थी। आगजनी और फायरिंग भी की गई थी। हिंसा की घटनाओं पर गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। विपक्ष ने शिकायत करने के बाद 19 जिलों के 573 बूथों पर मतदान रद्द कर दिए थे। इन पर बुधवार को मतदान हो रहे हैं।
बंगाल के चुनावों में लोकतंत्र की हत्या हुई- मोदी
- कर्नाटक चुनाव के नतीजों के बाद मोदी ने दिल्ली में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। यहां उन्होंने कहा था, " कल पूरे देश ने देखा होगा कि पश्चिम बंगाल के चुनावों में लोकतंत्र की किस तरह से हत्या की गई। नामांकन से लेकर मतदान तक लोकतंत्र की जगह नहीं थी। निर्विरोध चुनाव का प्रबंध किया गया, बैलट बॉक्स तालाब में से निकले। निर्दोष कार्यकर्तोओं की हत्या हो। वहां के शासक दल के सिवाय सभी दलों को मुसीबत झेलनी पड़ी है। ये लोकतंत्र के खिलाफ जो कुछ भी हुआ है, ये चिंता का विषय है।"
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