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वजन घटाने के साथ पैरों को मजबूत बनाता है बॉक्स जंप वर्कआउट, 30 दिन तक रोजाना 10 मिनट करने से दिखता है असर

बॉक्स जंप के 8 से 12 रैप लगाने के बाद 2 मिनट का रेस्ट लेने के बाद ही दूसरा वर्कआउट शुरू करें।

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 02:12 PM IST
  • मसल्स को मजबूत बनाने के साथ अधिक कैलोरी बर्न करता है वर्कआउट
  • पैरों में दर्द या इंजरी हुई हो तो ट्रेनर की सलाह के बाद ही इसे करें
  • इसे हमेशा वॉर्मअप के बाद ही करें वरना इंजरी हो सकती है

हेल्थ डेस्क. इन दिनों बॉक्स जंप वर्कआउट ज्यादातर सेलिब्रिटीज फॉलो कर रहे हैं। ये वर्कआउट उन्हें अपने फिटनेस शेड्यूल में जरूर शामिल करना चाहिए जो बॉडी का एक्सट्रा फैट घटाकर बॉडी को टोन और मसल्स को मजबूत बनाना चाहते हैं। ये वर्कआउट खासकर बारिश में दिनों में अधिक किया जाता है क्योंकि इस मौसम में रनिंग, जॉगिंग और साइक्लिंग जैसी एक्टिविटीज आसानी से नहीं हो पाती हैं। बॉक्स जंप वर्कआउट के लिए केवल एक से डेढ़ फीट की बेंच या बॉक्स जरूरत होती है। इसकी मदद से घर में या जिम में कहीं भी इसे किया जा सकता है। फिटनेस ट्रेनर विनोद सिंह से जानते हैं इसे करने का सही तरीका...

क्या है वर्कआउट का सही तरीका
सबसे पहले अपने सामने एक से डेढ़ फीट ऊंचाई की का एक बॉक्स या बेंच रखें। बॉक्स को अच्छी तरह चेक कर लें, ताकि कूदने पर बैलेंस बनाना आसान हो। बेंच या बॉक्स नहीं है तो कोई भी जगह जो घुटनों से ऊपर हो, उसका उपयोग भी किया जा सकता है। अब बॉक्स के सामने खड़े हो जाएं और स्क्वाट की पोजीशन में उछलकर बॉक्स या टेबल पर कुछ सेकंड्स के लिए स्क्वाट पोजीशन में ही रहें और फिर पीछे की तरफ से टेबल से कूदें और फिर दोबारा स्क्वाट पोजीशन में आकर दोबारा टेबल या बॉक्स पर उछलें। इस व्यायाम को कम से कम 12 बार जरूर दोहराएं। शुरुआत में इसे आप 2-2 रैप्स में बांटकर भी कर सकते हैं।

बढ़ती है स्ट्रेंथ
इस एक्सरसाइज को स्ट्रेंथ बूस्ट करने के लिए भी किया जाता है। सामान्यत: एथलीट इसे करते ज्यादा दिखाई देते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से फिटनेस लवर इसे वर्कआउट के रूप में करना पसंद कर रहे हैं। इसे करना बहुत मुश्किल नहीं है, लेकिन शुरुआत में थोड़ी परेशानी आ सकती है। बॉक्स जंप के 8 से 12 रैप लगाने के बाद 2 मिनट का रेस्ट लेने के बाद ही दूसरा वर्कआउट शुरू करें।

इन बातों का रखें ध्यान

  • इसे कभी भी सिर्फ वीडियोज देखकर करने की कोशिश न करें।
  • इंजरी से बचने के लिए इसकी शुरुआत एक्सपर्ट की देखरेख में करें।
  • पैरों में दर्द या जोड़ों में किसी तरह समस्या या इंजरी पहले हुई हो तो ट्रेनर को जरूर बताएं।
  • इसे हमेशा वॉर्मअप के बाद ही करें वरना इंजरी हो सकती है।