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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. दिल्ली के अमन विहार इलाके में 11वीं की छात्रा से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने छात्रा को अपने घर में 10 दिन तक बंधक बनाकर रखा हुआ था। पीड़िता शोर न करें इसलिए आरोपी ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। रोज रात को वह उसके साथ दुष्कर्म करता था और विरोध करने पर लोहे की तार से उसकी पिटाई करता था। 9 अप्रैल को पीड़िता आरोपी के चंगुल से भागने में कामयाब हो गई और अपने घर पहुंची। जहां उसने आपबीती मां को बताई और फिर उसके पिता उसे लेकर थाने पहुंचे। पीड़िता की शिकायत पर अमन विहार थाना पुलिस ने पाॅक्सो, दुष्कर्म और बंधक बनाने की धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। आरोपी कुलदीप फरार है। ये था मामला...
- पुलिस उपायुक्त एमएन तिवारी के अनुसार 16 वर्षीय शिया (बदला हुआ नाम) परिवार के साथ अमन विहार सी ब्लॉक में रहती है।
- करीब एक साल पहले वह सुल्तानपुरी के पी ब्लॉक में किराए पर रहती थी। उस दौरान उसकी मुलाकात कुलदीप से हुई थी, दोनों के बीच दोस्ती हो गई।
- कुलदीप 30 मार्च की सुबह शिया को जबरन अपने साथ ले गया। वह रात करीब 11.30 बजे उसे अपने घर ले गया। वहां उसने शिया को बंधक बनाकर दुष्कर्म किया।
- जान से मारने की धमकी दी और बाहर न निकल पाए इसलिए हाथ पैर बांध दिए। करीब 10 दिन तक ऐसा ही चला
आरोपी की बहन बोली- मकान ही 30 गज का तो कहां छिपाएंगे
- जो लड़की कुलदीप पर आरोप लगा रही है, उसका पूरा परिवार हमें बहुत पहले से जानता है। उनका परिवार पहले घर के पास ही किराए पर रहता था।
- दोनों का अफेयर चल रहा था। यह बात दोनों परिवारों को पता थी। लड़की को पैसे देने के लिए उसने अपना फोन भी बेच दिया था। जो कुछ हुआ है दोनों की मर्जी से हुआ है, अब वह आरोप लगा रही है।
- कुलदीप उसे घर में बंधक कैसे बना सकता है क्योंकि यहां तो पूरा परिवार रहता है और हमारा पूरा मकान ही 30 गज में बना है तो वो उसे कहां और कैसे छिपा सकता है।
पीड़िता ने कहा- जब चिल्लाती थी तो तेज आवाज में गाने चला देता था
- 30 मार्च को मैं घर का सामान खरीदने दुकान पर गई थी, मेरा पीछा करते हुए कुलदीप भी वहां पहुंच गया। उसने पिस्तौल दिखाई और जबरन अपने साथ ले गया।
- पूरे दिन उसने मुझे पिस्तौल दिखाकर घुमाया और देर रात अपने घर ले गया। जहां मेरे हाथ पैर बांधकर मुझे बंधक बनाकर रखा गया।
- कुलदीप चाहे जब दुष्कर्म करता था, विरोध करती थी तो बेल्ट व लोहे के तार से पीटता था। उसने मेरे हाथ पैर बांधने के साथ ही मुंह में कपड़ा ठूंस कर रखा था।
- मैं चिल्लाती तो वह तेज आवाज में गाने चला देता था। जिस दिन में भागी उस दिन उसने मेरे हाथ नहीं बांधे थे, जिसके चलते मैं पैर व गेट खोल सकी।
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