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बीएसई से 222 कंपनियां डीलिस्ट होंगी, प्रमोटर्स को निवेशकों से उचित भाव पर शेयर खरीदने होंगे

डीलिस्ट होने वाली कंपनियों और उनके डायरेक्टर पर 10 साल के लिए प्रतिंबध लागू होगा।

Danik Bhaskar | Jul 03, 2018, 01:49 PM IST
  • अगस्त 2017 में सेबी ने 331 संदिग्ध शेल कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे
  • इस साल सरकार भी 2 लाख से ज्यादा कंपनियों के रजिस्ट्रेशन रद्द कर चुकी है

नई दिल्ली. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) से 222 कंपनियां बुधवार को डीलिस्ट हो जाएंगी। ये ऐसी कंपनियां हैं जिनके शेयरों में छह महीने से ज्यादा समय से ट्रेडिंग पर रोक लगी हुई है। बीएसई की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक इनमें वे छह कंपनियां भी शामिल हैं जिन्हें एनएसई पहले ही डीलिस्ट कर चुका है। ये कंपनियां एशियन इलेक्ट्रोनिक्स, बिरला पावर सॉल्यूशंस, क्लासिक डायमंड (इंडिया), इनोवेन्टिव इंडस्ट्रीज, पैरामाउंट प्रिंटपैकेजिंग और एसवीओजीएल ऑयल गैस एंड एनर्जी हैं।
10 साल का प्रतिबंध लागू होगा: कंपल्सरी डीलिस्टिंग रेग्युलेशंस के तहत ऐसी कंपनियों, इनके डायरेक्टर, प्रमोटर और ग्रुप से जुड़ी अन्य फर्मों पर शेयर बाजार में 10 साल के लिए प्रतिबंध रहेगा। इनके प्रमोटर्स को उचित मूल्य पर आम निवेशकों से शेयर खरीदने होंगे जो बीएसई की ओर से नियुक्त वैल्युअर ने निर्धारित की है।
एमएमएस इंफ्रास्ट्रक्चर, ओएसिस टेक्सटाइल्स, इंटीग्रेटेड फाइनेंस कंपनी, ओमनीटेक इंफोसॉल्यूशंस, फ्लॉलेस डायमंड (इंडिया) और इंडो बोनिटो मल्टीनेशनल भी डीलिस्ट होने वाली कंपनियों में शामिल हैं। इनके शेयरों में छह महीने से ट्रेडिंग सस्पेंड चल रही है और ये दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही हैं। मई में भी ऐसी 200 कंपनियां डीलिस्ट की गई थीं जिनके शेयरों में छह महीने तक ट्रेडिंग सस्पेंड थी। पिछले साल अगस्त में सेबी ने बीएसई को 331 संदिग्ध शेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस साल सरकार भी 2 लाख से ज्यादा शेल कंपनियों के रजिस्ट्रेशन रद्द कर चुकी है।