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श्रीनगर. नरेंद्र मोदी के जम्मू दौरे से एक दिन पहले पाकिस्तान ने फिर सीजफायर तोड़ा। कश्मीर के आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में पाक रेंजर्स ने गुरुवार रात भारी हथियारों से फायरिंग की। इसमें बीएसएफ जवान सीताराम उपाध्याय (28) शहीद हो गए। 4 आम नागरिकों की भी जान गई है। बीएसएफ अफसर समेत 6 लोग जख्मी हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 19 मई को जम्मू जाएंगे। इसके पहले पाकिस्तान 14 मई से अब तक तीन बार एलओसी पर भारतीय इलाके में गोलाबारी कर चुका है।
पाकिस्तान ने 4 दिन में तीसरी बार गोलाबारी की
- बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीताराम झारखंड के गिरिडीह से थे। वह 2011 में सीमा सुरक्षा बल में शामिल हुए थे। उनका एक तीन साल का बेटा और एक साल की बेटी है।
- बीएसएफ के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से 16 और 17 मई को भी हीरानगर में फायरिंग की गई। इसमें एक बीएसएफ का जवान घायल भी हुआ था। हालांकि, पाक की ओर से दिन में गोलाबारी थमी रही लेकिन गुरुवार देर रात अरनिया सेक्टर को एक बार फिर निशाना बनाया गया। जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से तड़के 4 बजे भारी गोलाबारी की गई। भारत की ओर से भी इसका मुंहतोड़ जबाव दिया गया।
- बता दें कि, 14 मई की रात सांबा सेक्टर में भी पाकिस्तान की ओर से हुई फायरिंग में एक बीएसएफ जवान शहीद हुआ था।
शहीद की पत्नी ने कहा- मुआवजे से पति वापस नहीं मिलेगा
- सीजफायर में शहीद सीताराम की पत्नी ने कहा कि भारत ने सुरक्षा बलों को रमजान के दौरान ऑपरेशन चलाए जाने पर रोक लगाई। लेकिन मेरे पति पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में शहीद हो गए। मुआवजे से वो वापस नहीं आएंगे ।
सीमा के पास दिखे थे 5 संदिग्ध आतंकी
- बीते कई दिनों से सीमा पार से सीजफायर की आड़ में पाकिस्तान आतंकी घुसपैठ की कराने की कोशिश कर रहा है। 12 मई को कठुआ के पास बीएसएफ जवानों ने सीमा पर करीब पांच संदिग्ध आतंकियों को देखा था। इसके बाद बीएसएफ ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया और जम्मू में अलर्ट जारी किया। ऑपरेशन में आर्मी के हेलिकॉप्टर की भी मदद ली गई।
इस साल 18 जवानों समेत 36 की जान गई
- पाकिस्तान बार-बार सीजफायर तोड़कर गोलाबारी करता आया है। इस साल जनवरी और फरवरी में पाकिस्तान ने एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारी फायरिंग की थी। तब यहां कई गांवों को खाली कराना पड़ा था।
- बता दें कि पाकिस्तान की फायरिंग में 700 लोगों की मौत हो चुकी है। जनवरी, 2018 से लेकर अब तक 36 लोगों की जान गई है। इनमें 18 जवान शामिल हैं।
केंद्र ने किया था रमजान में सीजफायर का ऐलान
- केंद्र सरकार ओर से सुरक्षाबलों को आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑरेशन पर रमजान में रोक लगाने के लिए कहा गया है। हालांकि इस दौरान अगर कोई हमला होता है तो सामान्य नागरिकों की जान बचा के लिए सुरक्षाबलों को पलटवार का अधिकार रहेगा।
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