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बीएसएनएल ने लॉन्च की देश की पहली इंटरनेट टेलीफोनी सर्विस, बिना सिम कार्ड के कॉल कर सकेंगे

सालाना 1,099 रुपए में अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलेगी।

Danik Bhaskar | Jul 11, 2018, 06:56 PM IST

- 1928 में इंटरनेट फोन की टेक्नोलॉजी पर रिसर्च शुरू हो गई थी

- 1995 में इजरायली टेलीकॉम कंपनी वोकलटेक ने पहला इंटरनेट फोन लॉन्च किया

नई दिल्ली. बीएसएनएल ने देश में पहली इंटरनेट टेलीफोनी सर्विस लॉन्च की है। इसके जरिए उपभोक्ता बिना सिम के ही देश-विदेश में किसी भी नंबर पर कॉल कर सकेंगे। बीएसएनएल के मोबाइल ऐप 'विंग्स' के जरिए ये सुविधा मिलेगी। इसे वाई-फाई से ऑपरेट कर सकेंगे। अब तक ऐप टू ऐप कॉलिंग की सुविधा थी, लेकिन अब एप से सीधे नंबर पर कॉल कर सकेंगे। इस सेवा के लिए रजिस्ट्रेशन इसी हफ्ते शुरू होंगे और ये 25 जुलाई से एक्टिवेट हो जाएगी। इसके लिए 1,099 रुपए सालाना फीस होगी जिसमें ग्राहकों को अनलिमिटेड कॉल फैसिलिटी मिलेगी।

दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बुधवार को इस सर्विस का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में बीएसएनएल का ये कदम प्रशंसनीय है। इंटरनेट टेलीफोनी को लेकर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के प्रस्ताव को दूरसंचार मंत्रालय ने जून में मंजूरी दी थी।

दूसरे यूजर के पास ऐप होना जरूरी नहीं : इंटरनेट टेलीफोनी मोबाइल पर इंटरनेट की मदद से कॉल करने की टेक्नोलॉजी है। यह ऐप की मदद से काम करता है। इसमें इंटरनेट प्रोटोकॉल की मदद से कॉल की जाती है इसलिए इसे वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) तकनीक कहा जाता है। वॉट्सऐप और स्काइप के जरिए कॉलिंग भी इसके उदाहरण हैं, लेकिन दोनों यूजर के पास ये ऐप होने जरूरी हैं। बीएसएनएल के ऐप से कॉलिंग करने पर ये जरूरी नहीं होगा।

इंटरनेट टेलीफोनी में मोबाइल से निकलने वाले एनालॉग सिग्नल यानी वॉइस को डिजिटल डेटा पैकेट के रूप में ट्रान्सफर किया जाता है। ये डेटा पैकेट इंटरनेट की मदद से ट्रान्सफर होते हैं। इस प्रक्रिया में पैकेट ट्रान्सफर के लिए सबसे छोटे रूट को चुना जाता है और डेस्टिनेशन नंबर पर पहुंचते ही ये डेटा पैकेट एनालॉग में कन्वर्ट हो जाते हैं। इंटरनेट टेलीफोनी में मोबाइल नंबर एक वेबसाइट की तरह काम करते हैं। इसमें कॉल करने वाले की पहचान इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) एड्रेस की मदद से की जाती है।