डेटा की न्यूनतम दर से बीएसएनएल चाहती है छूट
15% से कम हिस्सेदारी वाली कंपनियों के लिए अलग प्रावधान की मांग
रिलायंस जियो व वोडाफाेन-आइडिया के उलट सरकारी टेलीकॉम कंपनियों ने कॉल रेट और डेटा की न्यूनतम दर तय करने का विरोध किया है। बीएसएनएल और एमटीएनएल ने ट्राई से मांग की है न्यूनतम दर का प्रावधान 15% से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी वाली कंपनियों पर ही लागू होना चाहिए।
दोनों कंपनियां का मानना है कि जिन कंपनियों का ग्राहकों का आधार न के बराबर है या बहुत कम है, उन्हें न्यूनतम दरों से छूट दी जानी चाहिए। इससे बाजार में कम हिस्सेदारी वाली कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में मदद मिलेगी। वोडाफोन-आइडिया डेटा की न्यूनतम कीमत प्रति जीबी 35 रुपए और आउटगोइंग काल पर 6 पैसे प्रति मिनट चाहती है। जबकि रिलायंस जियो ट्राई से प्रति जीबी डेटा के न्यूनतम कीमत को 15 रुपए तय करने की अपील की है। साथ ही 6 से 9 महीनों में इस न्यूनतम कीमत को बढ़ाकर 20 रुपए प्रति जीबी करने का भी सुझाव दिया है। ट्राई को दिए अपने सुझाव में सरकारी कंपनियों ने कहा कि दूरसंचार उद्योग को क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इसका कारण पूंजी से भरपूर दूरसंचार सेवा प्रदाताओं का अप्रत्याशित रूप से बाजार में आना है। ये कंपनियां मुक्त और काफी कम दर पर सेवाओं की पेशकश कर रही हैं। इसके कारण कई कंपनियों को अपना कारोबार समेटना पड़ा है। बीएसएनएल की मोबाइल ग्राहकों के आधार पर बाजार हिस्सेदारी करीब 10.3 प्रतिशत है।