पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

झारखंड : ‌‌‌Rs.1.47‌ लाख करोड़ के 2000 के ‌नोटों की जमाखोरी, बैंक से निकाले जाने वाले नोट नहीं आ रहे वापस

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

- बैंक अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 2000 के करीब 70% नोट बाजार से गायब हैं।

- राज्य में 3.47 लाख करोड़ रुपए के नोट चलन में हैं, इसके बाद भी नकदी का संकट है।

 

 

रांची.  देश के कई राज्यों की तरह झारखंड में भी कैश की जबर्दस्त किल्लत हो गई है। यहां बैंक के कुछ अफसरों का कहना है कि राज्य में नोटबंदी के बाद 2000 के जितने नोट आए उनमें से 70% बाजार में लौटे ही नहीं। यह रकम करीब 1.47 लाख करोड़ रुपए है। नाम उजागर न करने की शर्त उन्होंने कहा कि यह पैसा लोगों ने अपने घरों में जमा कर रखा है।

 

 

दैनिक भास्कर की छानबीन में हुआ खुलासा

- दैनिक भास्कर ने बुधवार को जब रिजर्व बैंक, स्टेट बैंक और बैंक आफ इंडिया समेत कई बैंकों में जाकर छानबीन की तो यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ।

- बैंक अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 2000 के करीब 70% नोट बाजार से गायब हैं। ये रिजर्व बैंक से भी न के बराबर आ रहे हैं। इन्हें ब्लैकमनी के रूप में छिपाया जा रहा है।

- एक बैंक अधिकारी ने बताया कि एटीएम में पहले से कम कैश डाला जा रहा है। नोटबंदी से पहले राज्य में 2.97 लाख करोड़ रुपए के नोट बाजार में थे। अब 3.47 लाख करोड़ रुपए के हैं। फिर भी कैश की कमी है। इसकी सबसे बड़ी वजह नोटों का रोटेशन ना होना। 

 

बैंक अधिकारी बोले- छोटे नोटों का कैलिब्रेशन और बैंकों के एनपीए की वजह से भी दिक्कत 
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक दयाशंकर ने बताया कि 2000 के नोट बैंकों में नहीं लौटने की वजह से एटीएम में इसके स्लॉट खाली रह रहे हैं। एटीएम में दो से चार ट्रे हाेती हैं। अगर 2000 के नोट डाले जाते तो ज्यादा कैश मिलता, लेकिन 100, 200 और 500 के नोट ही डाले जा रहे हैं। इससे कम कैश एटीएम में रहता है। वैसे भी 40% एटीएम ही 200 के नोट के लिए कैलिब्रेट हुए हैं। ज्यादातर बैंकों की एनपीए की वजह से हालत ठीक नहीं है। नए एटीएम भी नहीं लग रहे हैं, इसलिए ऐसी दिक्कत है। 

 

आरबीआई ने कहा- करेंसी कम नहीं, जल्द होगा सुधार

- रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा है कि देश में करेंसी की कमी नही है। बिहार और झारखंड के सभी करेंसी चेस्ट को उनकी जरूरत के हिसाब से करेंसी दी जा रही है। जनता से अपील है कि अपनी जरूरत के हिसाब से ही पैसा निकालें। बेवजह इसे इकट्ठा न करें। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में डिजिटल लेनदेन का इस्तेमाल करें...देश की चार प्रेस में दिन-रात नोट छप रहे हैं, जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा। 

 

नासिक में स्याही खत्म होने से नोटों की छपाई बंद होने का दावा
- नासिक स्थित करेंसी नोट प्रेस में स्याही खत्म होने से 20, 100, 200 और 500 रुपए के नोटों की छपाई ठप हो गई है। स्थानीय श्रमिक नेताओं ने ऐसा दावा किया है। वहीं रिजर्व बैंक को वित्त मंत्रालय से नोटों के नए डिजाइन समय पर नहीं मिलने से भी छपाई में देरी की जानकारी सामने आई है। नोट प्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया, अगर नई डिजाइन समय पर मिल जाती है तो छपाई शुरू हो सकती है। इस बीच, श्रमिक संघ के सचिव जगदीश गोडसे ने कहा कि स्याही का अभाव कोरी अफवाह है। 

 

पलामू: कैश नहीं मिला तो लोगों ने एनएच जाम किया 
- पलामू के ब्लॉक हेडऑफिस छतरपुर में स्थित एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और वनांचल ग्रामीण बैंक में दो दिनों से चल रही कैश की किल्लत की वजह से लोग नाराज हो गए। उन्होंने बुधवार को एनएच-98 को एक घंटे तक जाम कर दिया। बाद में पुलिस की समझाइश पर लोगों ने जाम हटाया। 

खबरें और भी हैं...