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बिजनेस राउंड अप : एफपीआई की बिकवाली, घाटा बढ़ने से रुपया और कमजोर हो सकता है

युआन में तेज गिरावट के बाद एशियाई देशों की करेंसी कमजोर

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jul 23, 2018, 09:39 AM IST

बिजनेस राउंड अप : एफपीआई की बिकवाली, घाटा बढ़ने से रुपया और कमजोर हो सकता है

बीते शुक्रवार डॉलर की तुलना में रुपए ने 69.13 का सबसे निचला स्तर छू लिया। गुरुवार को चीन की करेंसी युआन में तेज गिरावट आई थी। इसके बाद ही सभी एशियाई करेंसी कमजोर हुईं। ट्रेडर्स का कहना है कि व्यापार घाटा बढ़ने और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिक्री के दबाव में रुपया और कमजोर हो सकता है। विदेशी निवेशक इक्विटी मार्केट और रुपए वाले कर्ज से बाहर निकल रहे हैं। हालांकि रिजर्व बैंक के पास 13 जुलाई को 405 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार था। लेकिन 3 महीने में यह 37 अरब डॉलर घटा है। रुपया कमजोर होने से महंगाई बढ़ेगी, पर निर्यातकों को फायदा भी होगा।
ग्रुप का 5वां आईपीओ होगा एचडीएफसी एएमसी का
एचडीएफसी म्यूचुअल फंड चलाने वाली कंपनी एचडीएफसी एएमसी का आईपीओ 25 जुलाई को खुलेगा और 27 को बंद होगा। देश के इस दूसरे बड़े म्यूचुअल फंड हाउस का एसेट अंडर मैनेजमेंट 3 लाख करोड रुपए है। 2017-18 में इसे 722 करोड़ का मुनाफा हुआ था। कंपनी 2.54 करोड़ शेयर बेचकर 2,800 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड 1095-1100 रुपए रखा है। इस कीमत पर कंपनी की वैलुएशन 23,000 करोड़ रुपए होगी। एचडीएफसी ग्रुप की यह पांचवीं कंपनी होगी जो शेयर बाजार में लिस्ट होगी।
टाटा टेली को कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा घाटा
टाटा टेलीसर्विसेज को 2017-18 में 27,470 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह भारत के कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा घाटा है। टाटा टेली अनलिस्टेड कंपनी है। इसमें टाटा संस की 70% होल्डिंग है। एयरटेल को बिज़नेस ट्रांसफर के साथ ग्रुप ने यह सुनिश्चित किया कि सभी कर्ज समय पर लौटा दिए जाएं। इसके लिए टाटा संस विदेश से 10,000 करोड रु. लोन लेगी। कंपनी की कुल बिक्री पिछले साल 6,940 करोड़ की रही और 656 करोड़ का ऑपरेशनल नुकसान हुआ। जियो के आने के बाद कॉल और डेटा चार्ज में कमी आई है। अनिल अंबानी समूह की आरकॉम को भी 2017-18 में 23,900 करोड़ का घाटा हुआ है।
एफआरडीआई बिल संसद में पेश नहीं करेगी सरकार
सरकार एफआरडीआई बिल अभी संसद में पेश नहीं करेगी। इसके बेल-इन प्रावधान पर काफी विवाद हुआ था। इसके अनुसार कुछ परिस्थितियों में जमाकर्ता के पैसे से घाटे वाले बैंक को बेलआउट किया जा सकता है। कई बैंक घाटे में हैं। इसलिए लोगों को डर था कि सरकार बेल-इन प्रावधान लागू कर सकती है। कहा जा रहा है कि जमाकर्ताओं की नाराजगी से बचने के लिए सरकार ने बिल अभी पेश नहीं करने का निर्णय लिया है।
100 के नए नोट: फिर हो सकती है कैश की किल्लत
रिजर्व बैंक 100 रु. का नया नोट जारी करने वाला है। गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर वाले इस नोट का रंग हल्का बैंगनी होगा। लंबाई 142 मिमी. और चौड़ाई 66 मिमी होगी। अभी 100 रु. के जो नोट हैं उनकी लंबाई 157 मिमी. और चौड़ाई 73 मिमी है। इसलिए एटीएम में इन्हें रखने के लिए नए कैसेट की जरूरत पड़ेगी। 2.4 लाख एटीएम में इन्हें लगाने में एक साल लगेगा। एटीएम ऑपरेटर्स को डर है कि रिकैलिब्रेशन से कैश की समस्या आ सकती है। नोटबंदी के बाद यह पांचवां नोट जारी किया जा रहा है।

देवांग्शु दत्ता, कंट्रीब्यूटिंग एडिटर, बिजनेस स्टैंडर्ड

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