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डाउनलोड करेंग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार को प्याज कारोबारी ओज आनंद ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि मौत को गले लगाने से पहले वह पत्नी-बेटे को डिनर पर ले गया था। हालांकि, कारोबारी ने ऐसा क्यों किया, इस सवाल पर मां बीना व पत्नी प्रीति फिलहाल कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। पुलिस को उनके बोलने का इंतजार है। घटना के बाद पत्नी के मुंह से एक ही बात निकली-'मैं कहती थी कि कहीं कुछ ऐसा-वैसा न हो जाए। लेकिन किसी ने नहीं सुनी।' इसके बाद वो बेहोश हो गई। उसने जो भी कहा उसमें ऐसा-वैसा का क्या मतलब है, इन दो सवालों में मामले की गुत्थी उलझी हुई है। हालांकि, अंतिम संस्कार में प्रीति शामिल हुई थी। डिप्रेशन में थे, घर में कोई परेशानी नहीं थी...
- ओज के दादा जेएम आनंद के जूनियर रहे एडवोकेट राकेश शर्मा का कहना है कि आनंद के घर में 43 साल से उनका आना-जाना था।
- परिवार में ऐसी कोई परेशानी नहीं थी, जिसकी वजह से ओज ऐसा आत्मघाती कदम उठाते। वह डिप्रेशन में थे और डिप्रेशन एक मानसिक अवस्था है।
- हालांकि, चर्चा यह भी है कि ओज किसी जगह बहुत बड़ी रकम हार चुका था। जिसके चलते घरवालों के साथ उसका झगड़ा हुआ था।
दूसरे कमरे में रखी रहती थी बंदूक
- खुदकुशी में इस्तेमाल की गई बंदूक मां के कमरे के बगल में अलमारी में रखी रहती थी। घरवालों के मुताबिक, रात में आेज खुद अलमारी से बंदूक निकालकर अपने कमरे में लाए थे।
- इसके बाद भी किसी ने इस पर गौर नहीं किया। आत्महत्या के लिए भी कारोबारी ने बेडरूम व बाथरूम के बीच बने ड्रेसिंग रूम को चुना।
33 साल पहले इसी बंदूक ने ली थी बहन की जान
- रिपोर्ट के मुताबिक, कारोबारी ने जिस लाइसेंसी बंदूक से खुदकुशी की है, वह आनंद परिवार की पुश्तैनी बंदूक है। पहले दादाजी के नाम पर ये बंदूक थी। उनकी मौत के बाद पिता के नाम चढ़ी।
- पिता की मौत के बाद कारोबारी ओज के नाम ट्रांसफर हो गई। बताया जा रहा है कि 1985 में इसी बंदूक से बहन सोनिया की मौत हुई थी।
- हालांकि, कुछ का यह भी कहना है कि सोनिया ने पिस्टल से खुदकुशी की थी।
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