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वर्ल्ड नंबर-1 बैडमिंटन खिलाड़ी बने किंदाबी श्रीकांत, रैंकिंग सिस्टम शुरु होने के बाद यह मुकाम हासिल करने वाले पहले भारतीय

इससे पहले 1980 में प्रकाश पादुकोण को नंबर वन कहा जाता था। लेकिन उस समय रैंकिंग सिस्टम नहीं था।

Dainik Bhaskar

Apr 12, 2018, 02:55 PM IST
भारत की पीवी सिंधु 78824 अंकों के भारत की पीवी सिंधु 78824 अंकों के

नई दिल्ली. भारतीय शटलर किदांबी श्रीकांत ने वर्ल्ड रैंकिंग में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है। मेन्स सिंगल कैटेगिरी में ये मुकाम हासिल करने वाले किदांबी पहले भारतीय हैं। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) की गुरुवार को जारी रैंकिंग में उन्हें 76895 प्वाइंट्स दिए गए। उन्होंने डेनमार्क के विक्टर एक्सेल्सेन को हटाकर ये पोजिशन हासिल की। महिला शटलर्स में ये कामयाबी अब तक साइना नेहवाल को मिली है, जो 2015 में नंबर वन प्लेयर बनी थीं।

ये गोपी सर की मेहनत का नतीजा- किदांबी

- किदांबी ने कहा, "पहली बार वर्ल्ड नंबर वन रैंकिंग हासिल कर और प्रकाश सर के बाद ऐसा करने वाला पहला पुरुष शटलर बनकर खुशी हो रही है। ये गोपी सर, मेरे परिवार, सपोर्ट स्टाफ, मेरे दूसरे कोचों की कड़ी मेहनत का नतीजा है। ये उन लोगों की मेहनत का नतीजा भी है, जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया। ये बहुत शानदार साल था, लेकिन मेरे सामने और भी लक्ष्य हैं। अभी मेरा फोकस बड़े इवेंट्सपर है। कॉमनवेल्थ अभी जारी है और इसी साल एशियन गेम्स भी होने हैं। मेरा लक्ष्य है कि टोक्यो ओलंपिक में मैं देश को गर्व करने का मौका दूं।"

बीडब्ल्यूएफ ने जारी की रैंकिंग

प्लेयर प्वाइंट्स टूर्नामेंट
किदांबी श्रीकांत (इंडिया) 76895 12
विक्टर एक्सेल्सेन (डेनमार्क) 75470 11
सोन वान हो (कोरिया) 74670 19
चेन लान्ग (चीन) 73466 12
शी यूकी (चीन) 72743 15

इस तरह शीर्ष पर पहुंचे किदांबी

- 2017 में किदांबी श्रीकांत ने 4 सुपरसीरीज टाइटल जीते। एक साल में 4 टाइटल जीतने वाले वे पहले भारतीय शटलर बने। रैंकिंग में टॉप पोजिशन हासिल करने में इन सुपरसीरीज टाइटल्स के अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में ली चॉन्ग वेई के खिलाफ खेले गए मैच का भी अहम योगदान रहा। ओलंपिक में तीन बार सिल्वर जीतने वाले वेई को किदांबी ने मिस्क्स्ड टीम फाइनल सीधे सेटों में मात दी और भारत को इसमें गोल्ड हासिल हुआ।

टाइटल किसे हराया
इंडोनेशिया ओपन सुपरसीरीज काजूमाशा साकाई (जापान)
ऑस्ट्रेलिया ओपन सुपरसीरीज चेन लॉन्ग (चीन)
डेनमार्क ओपन ली ह्यून इल (साउथ कोरिया)
फ्रेंच ओपन केंटो निशीमोटो (जापान)

एक्सेल्सेन के कोर्ट से दूर रहने का फायदा भी मिला

- रैंकिंग में टॉप पोजिशन पर पहुंचने में किदांबी को विक्टर एक्सेल्सेन के कोर्ट से दूर रहने का भी फायदा मिला। टखने की चोट की वजह से एक्सेल्सेन इंडोनेशिया मास्टर्स नहीं खेल पाए थे। उन्हें इंडिया ओपन, ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप और यूरोपियन चैम्पियनशिप से भी भी सर्जरी के चलते दूर रहना पड़ा। जिसका सीधा असर उनके प्वाइंट्स पर पड़ा। वे 77,130 प्वाइंट्स से लुढ़ककर 75,470 प्वाइंट्स पर आ गए।

महिला रैंकिंग में तीसरे नंबर पर सिंधु

- भारत की पीवी सिंधु 78824 अंकों के साथ महिला सिंगल्स रैंकिंग में तीसरे पायदान पहुंच गईं हैं। ताइपे की ताइ जू इंग 90259 अंकों के साथ नंबर-1 पर हैं। सिंधु इससे पहले 2017 में दूसरी पोजिशन पर भी रह चुकी हैं। महिलाओं में टॉप रैंकिंग हासिल करने वाली भारत की साइना नेहवाल हैं, जो 2015 में वर्ल्ड की नंबर वन महिला शटलर बनी थीं।

1980 में प्रकाश पादुकोण थे नंबर वन

- भारतीय शटलर 1980 में वर्ल्ड के नंबर वन शटलर बने थे। इसी साल पादुकोण ने ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैम्पियनशिप जीती थी। उनके अलावा पी गोपीचंद भी ये चैम्पियनशिप जीत चुके हैं।

- हालांकि, रैंकिंग सिस्टम 2007 से लागू हुआ था। जब प्रकाश पादुकोण नंबर वन बने थे, तब कम्प्यूटराइज्ड रैंकिंग सिस्टम अस्तित्व में नहीं था। 1980 में उन्होंने टॉप थ्री टूर्नामेंट्स पर कब्जा जमाया था। ऐसे में उन्हें नंबर वन खिलाड़ी का दर्जा दिया गया।

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भारत की पीवी सिंधु 78824 अंकों के भारत की पीवी सिंधु 78824 अंकों के
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