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82 वर्षीय ऑर्थोपेडिक्स सर्जन ने करवाया घुटने का रिप्लेसमेंट

9 वर्ष पहले
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जयपुर. अभी तक पेशेंट्स से उनके दर्द को सुनता रहा। उनके दर्द को ठीक करते हुए बुढ़ापा आ गया। 82 साल की उम्र में जब घुटनों में परेशानी होने के कारण दर्द रहने लगा। तब महसूस हुआ, आखिर दर्द क्या होता है? यह कहना है राजस्थान के ऑर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ. जेएस ढाका का।

उन्होंने बताया कि वे घुटनों के दर्द के कारण चल फिर नहीं पा रहे थे। फिर उन्होंने भी सामान्य लोगों की तरह घुटने का रिप्लेसमेंट करवाना तय किया। चौदह फरवरी को घुटने का रिप्लेसमेंट हुआ। अब वे फिर से सामान्य स्थिति में चल फिर सकते है। उन्होंने कहा कि 80 साल से ज्यादा उम्र के लोग सर्जरी करवाने में हिचकिचाते है। या फिर उन्हें सर्जरी से डर महसूस होता है।

उन्होंने ने कहा कि इस उम्र में सर्जरी करवाने में किसी तरह की तकलीफ नहीं होती। बची हुई जिंदगी आराम से बिता सकते है। जयपुर से 1956 में एमबीबीएस और 1971 में ऑर्थोपेडिक्स में एमएस किया। 1989 में गवर्नमेंट जॉब से रिटायर होने के बाद सीकर में वे निजी प्रैक्टिस कर रहे है।

इस ऑपरेशन के बाद वे प्राइवेट प्रैक्टिस दुबारा चालू कर सकेंगे। जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. अनूप झुरानी ने बताया कि नॉन इन्वेजिव नेविगेशन तकनीक से घुटने का प्रत्यारोपण किया गया। इस पिनलैस तकनीक से रोगी ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद ही खड़ा हो सकता है।