पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र: पहले दिन ही हंगामा

राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र: पहले दिन ही हंगामा

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जयपुर. राज्य विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन हुए हंगामे और शोरगुल के बीच राज्यपाल मारग्रेट अल्वा ने अभिभाषण पढ़ा। चुनावी वर्ष के कारण आखिरी बजट सत्र में अभिभाषण को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बावजूद राज्यपाल ने हिंदी में सिर्फ छह मिनट में अभिभाषण के पहले तीन पैरा और आखिरी पैरा पढ़ा। बाद में उन्होंने अंग्रेजी में कहा कि इसे पढ़ा हुआ मान लिया जाए।

अभिभाषण को पढऩा शुरू होने से पहले ही माकपा के तीनों सदस्यों अमरा राम, पेमाराम और पवन दुग्गल ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान का मुद्दा उठाते हुए वेल में आ गए। उन्होंने मांग की कि सरकार खराब फसलों को बचाने का प्रयास करें। उनके साथ भाजपा के निलंबित हनुमान बेनीवाल और निर्दलीय गोलमा देवी भी आ गईं।

पांचों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अभिभाषण का बहिष्कार की घोषणा करते हुए सदन से बाहर चले गए। इस हंगामे और शोरगुल के बीच ही राज्यपाल ने अपना भाषण पढऩा जारी रखा। क्रीम कलर की साड़ी पहने राज्यपाल ने सदन में 11 बजे प्रवेश किया। शोरगुल के बीच 11:02 बजे अभिभाषण पढऩा शुरू किया और 11: 08 बजे समाप्त किया।

अभिभाषण हिंदी में पढ़ें: इससे पहले भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी ने राज्यपाल मारग्रेट अल्वा के आसन पर पहुंचते ही कहा कि अभिभाषण को हिंदी में ही पढ़ा जाए। अगर अभिभाषण को अंग्रेजी में पढ़ा गया तो यह राजस्थान की जनता का अपमान होगा। उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने इसे हिंदी में ही अनुमोदित किया है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अंग्रेजी में कम समझते हैं।

चुनावी साल में उपलब्धियों का बखान: चुनावी साल होने के कारण राज्यपाल के अभिभाषण को इस बार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें राज्य सरकार ने अपनी चार साल की उपलब्धियों का बखान किया गया है। इसमें बिजली पानी की व्यवस्था सिंचाई के संसाधन बढ़ाने, शिक्षा प्रसार के इंतजाम, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, किसानों के लिए लागू की गई ऋण आदि योजनाओं की जानकारी दी है।

साथ ही दावा किया गया है कि राज्य में कानून व्यवस्था संतोषजनक रही है और महिलाओं को सुरक्षात्मक माहौल उपलब्ध करवाया गया है, इसके लिए 35 महिला थाने कार्यरत हैं। अभिभाषण में प्रशासन शहरों के संग और प्रशासन गांवों के संग अभियान के दौरान आम लोगों को दी गई सुविधाओं और पट्टे देने में दी गई शिथिलताओं का विवरण भी दिया गया।

पदोन्नतियां: अभिभाषण में कहा गया है कि राज्य में 17 साल से पदोन्नतियां अटकी थीं। अब डीपीसी की बैठकें करके 47 आरएएस अफसरों को आईएएस और 85 तहसीलदारों को आरएएस बनाया गया। इसी प्रकार विभिन्न वेतन शृंखला मं 575 अफसरों, सचिवालय में 244 मंत्रालयिक वर्ग में 244 को और शिक्षकों सहित अन्य वर्ग में 45 हजार को पदोन्नति दी गई।

खनिज: राज्य में खनिज आधारित उद्योग लगाने की दिशा में प्रयासरत है। प्रदेश में 79 तरह के खनिज उपलब्ध हैं। प्रधान खनिज के 3030 खनन पट्टे और अप्रधान खनिज के 11,868 पट्टे दिए गए हैं। बाड़मेर सांचौर बेसिन में पेट्रोलियम का 1.75 लाख बैरल प्रतिदिन का उत्पादन हो रहा है।

बिजली पानी: राज्य में चार साल में 4,075 मेगावाट बिजली का उत्पादन बढ़ाया गया, जिससे विद्युत क्षमता 10,615 हो गई है। वहीं, 1, 860 मेगावाट क्षमता का उत्पादन प्रोजेक्ट का काम जारी है। पेयजल की व्यवस्था के लिए 3,903 गांवों और 53 शहर कस्बों टैंकरों से पानी सप्लाई किया जा रहा है। सिंचाई के लिए नहरी क्षेत्र में पक्की खालों का निर्माण कराया जा रहा है।

शिक्षा: शिक्षा प्रसार के लिए 814 नई स्कूलां खोलने और 1068 स्कूलों को उच्च श्रेणी में क्रमोन्नत करने का दावा किया गया है। साथ ही उच्च शिक्षा में 7 राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालय खोलने और 5 स्ववित्त पोषित विश्वविद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया जारी है।

चिकित्सा: निशुल्क दवा योजना के साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में सुधार के लिए जननी शिशु योजना लागू की गई है। वहीं, 5 जिला मुख्यालयों पर यूनानी अस्पताल खोले गए हैं। चार साल में आयुर्वेद में डॉक्टरों के 875 पद, होम्योपैथी के 47 पद और यूनानी के 34 पदों पर नियुक्ति का दावा किया गया है।

फ्लैगशिप योजनाएं: अभिभाषण में राज्य में चल रही 16 फ्लैगशिप योजनाओं मुख्यमंत्री अन्न सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना, राजस्थान जननी शिशु सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना, अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी की जानकारी दी गई।

साथ ही राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान करने की गारंटी एक्ट, राजस्थान सुनवाई का अधिकार एक्ट, मुख्यमंत्री ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना, मुख्यमंत्री पशुधन निशुल्क दवा योजना, राजस्थान ग्रामीण सड़क विकास योजना, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना, राजीव गांधी डिजिटल विद्यार्थी योजना के बारे में जानकारी दी गई।

गांवों में आईटी: गांवों मे आईटी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 248 पंचायत समितियों और 9062 ग्राम पंचायतों में भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्रों का निर्माण किया गया है। मनरेगा में इस साल अब तक 43.16 लाख परिवारों को रोजगार देने का दावा किया गया है।

सड़कों का जाल: राज्य में 1,29,618 किमी लंबा सड़क नेटवर्क है और अब 499 तक की आबादी वाले 1,845 गांवों को सड़कों से जोड़ा गया।

जनजाति क्षेत्र: जनजाति क्षेत्र के विकास के लिए वन अधिकार अधिनियम में अब तक 32,616 दावों पर अधिकार पत्र दिए जा चुके हैं। सहरिया क्षेत्र के लोगों के लिए 25 करोड़ रुपए की विशेष योजना शुरू की गई है।

Photo: Rajkumar Sharma

जानिए, किसकी शरण में नंगे पांव पहुंची रणबीर कपूर की मां नीतू सिंह

1987 रूप कंवर सती कांड: 18 साल की लड़की मृत पति के साथ हुई 'सती'

''मजबूरी में करती हूं सेक्स, परिवार चलाने के लिए बेचना पड़ता है जिस्म''

राजा ने मांगी निशानी...और रानी ने अपना सिर काटकर पेश किया

पोर्न फिल्म देखी, फिर शुरू हुआ हैवानियत का गंदा खेल

PICS: मौसम हुआ बेईमान, मस्ती में आकर ये क्या कर डाला!

VALENTINE पर तोड़ी गुंडागर्दी की सारी हदें, बीच बाजार युवतियों से करते रहे बदसलूकी

IN PICS: मंडावा में शूटिंग पूरी, जयपुर आए राजा हिंदुस्तानी

'V' Day Special: युवा पायलट ने 'लव' के रनवे पर भरी कश्मीरी उड़ान

'फेरे के समय तू गोदी में थी इसलिए अब तू भी मेरी पत्नी है'!

वैलेंटाइन डे पर बीयर, डांस और मस्ती का कॉकटेल

राजा ने मांगी निशानी...और रानी ने अपना सिर काटकर पेश किया