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पुष्य नक्षत्र में बहती रही आस्था की गंगा

9 वर्ष पहले
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जयपुर। पुष्य नक्षत्र में शनिवार को शहर के मंदिरों में भगवान गणेश व शनिदेव का गुणगान होता रहा। इस अवसर पर प्रथम पूज्य का पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके साथ ही फूल बंगला झांकी व मोदक अर्पण किए गए। इसी तरह शनि मंदिरों में भी कई आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने गणपति सहस्रनामावली, अष्टोत्तरशत नामावली से भगवान गणेश का आह्वान किया।


मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में सुबह महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। भक्तों ने अष्टोत्तरशत नामावली व गणपति सहस्रनामावली के पाठों से भगवान गणेश की पूजा की। महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में सुबह दूध, दही, शहद, गुलाब, केवड़ा जल से अभिषेक किया। शाम को गणेश जी को फूलों के बंगले में विराजमान किया जाएगा।


ब्रह्मपुरी के नहर के गणेश मंदिर में अभिषेक के पश्चात गणेश जी को दुर्वा अर्पण की गई। फिर नवीन पोशाक धारण कराई। महंत जय के सान्निध्य में शाम को 251 दीपकों से गणेश जी की महाआरती की जाएगी। इसके अलावा बड़ी चौपड़ पर ध्वजाधीश गणेश मंदिर व सूरजपोल गेट के श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर में भी कई आयोजन हुए।