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बजट सत्र: मनरेगा की राशि से किया गया राजीव गांधी सेवा केंद्रों का निर्माण

9 वर्ष पहले
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जयपुर। राजस्थान विधानसभा के चल रहे बजट सत्र में सोमवार को एक बार फिर सदन का माहौल गर्म हो गया। जब मनरेगा की बात उठी तो एक दूसरे आरोप प्रत्यारोप का दौरा चल पड़ा। लेकिन इस बीच ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने स्वीकार किया कि मनरेगा की राशि से प्रदेश में राजीव गांधी सेवा केंद्रों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र के निर्माण के लिए अलग से किसी भी प्रकार के बजट का प्रावधान नहीं है।


इससे पहले भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी ने जानकारी मांगी कि राजसमंद के जिले की कितनी ग्राम पंचायतों पर भारत निर्माण सेवा केंद्र(राजीव गांधी सेवा केंद्र)का निमार्ण किया गया और इनका निर्माण किस मद में किया गया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायकों ने मनरेगा की राशि के दुरुपयोग की बात कही। उल्लेखनीय है कि राजीव गांधी सेवा केन्द्रों को लेकर पूर्व में भी कई सवाल उठाए जा चुके हैं। कभी इनकी कार्य योजना तो कभी केन्द्रों की सुरक्षा व्यवस्था सुर्खियों में रही है।


केन्द्रों को सुरक्षा की दरकार: ग्रामीणों को तकनीकी सुविधा देने व विभिन्न काम को गांव में ही निपटाने के लिए खोले गए राजीव गांधी सेवा केन्द्रों को सुरक्षा की दरकार है। सुरक्षा गार्डों की भर्ती में लेट लतीफ के चलते इन केन्द्रों की सुरक्षा खटाई में पड़ गई हैं। हर ग्राम पंचायत पर बनाए गए इन सेवा केन्द्रों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। उपखंड में कुछ ग्राम पंचायतों को छोड़कर सब जगह इन केन्द्रों का उद्घाटन हो चुका है। लेकिन कुछ शरारती लोग इन केन्द्रों को नुकसान पहुंचाने से नहीं चूक रहे हैं। उपखंड के चाटवाड़ा ग्राम पंचायत में बने राजीव गांधी सेवा केंद्र का तो उद्घाटन भी नहीं हुआ है। लेकिन इसकी खिड़कियों में लगी जालियों को शरारती तत्वों ने तोड़ दिया है। इस भवन की सीढिय़ां भी क्षतिग्रस्त हो रही है।


लाखों की सामग्री भगवान भरोसे: राजीव सेवा केन्द्रों पर लाखों रुपए की सामग्री उपलब्ध है। इन केन्द्रों पर बैटरियां, सौर ऊर्जा प्लेट व फर्नीचर की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इन भवनों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मचारियों की भर्ती भी खटाई में पड़ी हुई है। उधर,अघिकारियों का कहना है कि सेवा केंद्रों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मचारियों की भर्ती के लिए आवेदन लिए गए है।लेकिन आदेशों के अभाव में नियुक्ति नहीं हो पाई है।