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विरासत संरक्षण के कार्यों को नगरीय विकास मंत्री की मंजूरी

9 वर्ष पहले
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जयपुर. करौली जिले के ऐतिहासिक और प्राचीन स्मारकों के संरक्षण और विकास के लिए नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने अपनी स्वीकृति दे दी है।

डांग क्षेत्र विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण सिंह ने बताया कि उन्होंने नगरीय विकास मंत्री धारीवाल और आरयूआईडीपी के परियोजना निदेशक डॉ. पृथ्वी सांखला को पत्र लिख कर अनुरोध किया था कि करौली एक प्राचीन ऐतिहासिक नगर है।

ऐसे में उसके खंडहर हो रहे और टूट रहे विरासती दरवाजों, परकोटों, मंदिरों आदि की मरम्मत कार्य आरयूआईडीपी के हेरिटेज संरक्षण के अन्तर्गत कराए जाएं। उन्होंने बताया कि नगरीय विकास मंत्री ने इन प्रस्तावित सभी स्थानों के मरम्मत की स्वीकृति प्रदान कर दी।

उन्होंने बताया कि करौली परकोटा, परकोटा के 6 प्रमुख दरवाजे, रणगवा तालाब की बुर्ज, सीढिय़ां (घाट), बजीरपुर गेट के बाहर मस्जिद कबीर साहिब, नदी गेट के बाहर स्थित बैठा हनुमान व्यायामशाला, पानी का कुंड और महल के सामने स्थित कल्याण राय मंदिर की मरम्मत आरयूआईडीपी द्वारा शीघ्र शुरू की जाएगी। आरयूआईडीपी द्वारा किये जा रहे इन कार्यों से शहर की विरासत का संरक्षण होगा।

उन्होंने राज्य सरकार से इस वर्ष के बजट में धार्मिक पर्यटन में अंजनी माता, तिमनगढ़ और सवाई माधोपुर स्थित रामेश्वर धाम के संरक्षण और विकास और कैला देवी विकास के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की है।