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डाउनलोड करेंजयपुर। हाईकोर्ट ने रामगढ़ बांध सहित प्रदेश के जलस्रोतों में अतिक्रमण मामले में राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह मानसून से पहले रामगढ़ बांध में पानी लाने वाली तीनों नदियों बाणगंगा, ताला व माधवेणी में पानी बहाव के लिए रास्ता बनाएं। साथ ही कोटा-रावतभाटा के बीच दर्रा सेंचुरी के पास स्थित मुकंदरा नेशनल पार्क की वस्तु स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने जयपुर जिला कलेक्टर को कहा है कि पूर्व में बांध क्षेत्र से हटाए गए अतिक्रमण वापस नहीं होने चाहिए।
न्यायाधीश एम.एन.भंडारी ने यह अंतरिम आदेश रामगढ़ बांध में अतिक्रमण मामले में स्वप्रेरित प्रसंज्ञान याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने वन विभाग के एपीसीसीएफ एमएल मीणा के रवैये पर उन्हें अवमानना की चेतावनी देते हुए वन विभाग के प्रमुख सचिव को आगामी सुनवाई को रिकार्ड सहित तलब किया है। साथ ही कहा है कि भविष्य में ऐसे अफसरों को अदालती सुनवाई के दौरान नहीं भेजा जाए। अदालत ने दांतारामगढ़ में तलाई में बन रहे एक भवन के संबंध में मॉनिटरिंग कमेटी को निर्देश दिया कि वे जगह का निरीक्षण करें और सीकर जिला कलेक्टर से पूछा है कि भवन का निर्माण तलाई में क्यों किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने अजमेर के आनासागर में एसटीपी प्लांट की रिपोर्ट पेश की। जिस पर अदालत ने बोर्ड को कहा कि इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश की अन्य जगहों की रिपोर्ट बनाएं। मामले की आगामी सुनवाई 21 मई को होगी।
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