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डाउनलोड करेंजयपुर। ऑल इंडिया ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार सवेरे से राज्य में करीब 38 हजार निजी दवा दुकानें बंद हैं। दवा दुकानों की यह हड़ताल दिनभर रहेगी। दवा दुकानें बंद होने से कई स्थानों पर मरीज और उनके परिजनों को परेशान का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने केंद्र की ओर से लागू किए जा रहे कानून में दवा विक्रेताओं के खिलाफ प्रावधान होने का आरोप लगाते हुए देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।
राजस्थान केमिस्ट एसोसिएशन के प्रेसीडेंट आर. बी. पुरी ने दावा किया कि राज्य में करीब 38 हजार दवा दुकानें सवेरे ही बंद हैं। जयपुर में चौड़ा रास्ता स्थित फिल्म कॉलोनी में धरना देकर एसोसिएशन ने अपना विरोध जाहिर किया है। पुरी का कहना है कि डीकंट्रोल केटेगरी की 348 दवाओं को सरकार कंट्रोल केटेगरी में लाने जा रही है। इससे पहले से ही संकट से जूझ रहे दवा विक्रेताओं का व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। उनके लाभ प्रतिशत में भी 3 प्रतिशत तक कटौती करने की तैयारी की जा रही है।
एसोसिएशन की यह भी मांग है कि नकली दवा कानून के तहत दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए न कि विक्रेता पर। यह जांच का विषय होना चाहिए कि आखिर दवा कहां से सप्लाई हुई और किसने बनाया। आमतौर पर दवा विक्रेताओं को इसके दोष में गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाती है। एसोसिएशन ने दवाओं को एफडीआई से दूर रखने की भी मांग की है।
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