पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंजयपुर। शहर में दो दिन से चल रही ऑटो रिक्शा हड़ताल शुक्रवार शाम परिवहन आयुक्त और ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों के साथ हुई मीटिंग के बाद खत्म हो गई। दोनों के बीच दोपहर 2.30 बजे शुरू हुई मीटिंग दो दौर में शाम 4 बजे तक चली। मीटिंग में परिवहन अधिकारियों और यूनियन वालों के बीच किराया बढ़ौतरी को लेकर कई बार झड़पें हुई। अंत में दोनों के बीच तीनों बिन्दुओं पर सहमति बनने के बाद ऑटो यूनियनों ने परिवहन मुख्यालय के सामने हड़ताल समाप्त करने का ऐलान किया। इससे पहले यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी को ज्ञापन दिया।
इससे पहले ट्रैफिक पुलिस की ऑटो रिक्शा चालकों के खिलाफ बिना मीटर से चलने पर कार्रवाई के विरोध में शहर में दूसरे दिन शाम 4 बजे तक ऑटो रिक्शा चालक हड़ताल पर रहे। इससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे स्टेशन और सिंधी बस स्टैंड पर यात्रियों को दोगुनी रेट में टैक्सी लेनी पड़ रही है। हड़ताल की वजह से रेलवे स्टेशन पर कार टैक्सी प्री-पेड बूथ पर लोगों की सुबह से ही भीड़ रही। वहीं दूसरी ओर हड़ताल का विरोध कर रहे कुछ ऑटो रिक्शा चालकों का कहना है कि इससे उनकी दैनिक मजदूरी भी बंद हो गई है और परिवार में पालन पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
उधर सुबह स्कूल में बच्चों को ले जा रहे ऑटो चालक को ऑटो यूनियन पदाधिकारियों का विरोध झेलना पड़ा। इससे बड़ी चौपड़, रामबाग सर्किल, गांधी सर्किल और त्रिमूर्ति सर्किल पर ऑटो रिक्शा चालकों में हाथापाई हो गई।
बसों में रहीं भीड़ :
ऑटो रिक्शा की हड़ताल के बाद बुधवार को मैजिक, लो फ्लोर और प्राइवेट बसों में लोगों की भीड़ रही। रामबाग सर्किल, बड़ी-छोटी चौपड़, रामगंज, चांदपोल, रेलवे स्टेशन और सिंधी कैंप बस स्टैंडों पर लोगों को बसों में बैठने के लिए 20 से 25 मिनट का इंतजार करना पड़ा।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.