पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंजयपुर। राज्य में चिकित्सा की दृष्टि से पिछड़े हाई फोकस जिलों में सबसेंटर खोलने के लिए अब जनसंख्या का आधार खत्म कर दिया गया है। अब तक तीन हजार की जनसंख्या पर ही सबसेंटर खोलने का प्रावधान था, लेकिन भविष्य में जरूरत के हिसाब से सबसेंटर खोले जा सकेंगे। फिलहाल राज्य में बाड़मेर, जालौर, जैसलमेर, डूंगरपुर, राजसमंद, उदयपुर, बांसवाड़ा, बूंदी, करौली और धौलपुर हाई फोकस जिलों के रूप में चिन्हित हैं।
चिकित्सा मंत्री ए.ए. खान ने बताया कि हाई फोकस जिलों के लिए जनसंख्या का आधार खत्म होने से बड़ी संख्या में सबसेंटर खुल सकेंगे और इसका फायदा ग्रामीण और दूरदराज के लोगों को मिल सकेगा। इन जिलों के लिए अब एनआरएचएम की ओर से 30 प्रतिशत ज्यादा बजट का प्रावधान भी होगा जिससे इन जिलों में चिकित्सा संसाधनों को बढ़ाया जा सके।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में होगा सुधार:
चिकित्सा मंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर आयोजित एक दिवसीय राज्य परामर्श कार्यशाला में कहा कि रोजाना 2 लाख व्यक्तियों को निशुल्क दवा दी जा रही है। जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव 80 प्रतिशत से अधिक हो चुके हैं। खान ने बताया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। केंद्रीय अतिरिक्त स्वास्थ्य सचिव अनुराधा गुप्ता ने बताया कि राज्य में 1999-2000 में मातृ मृत्युदर 511 से कम होकर अब 264 रह गई है। उन्होंने बताया कि इन सुधारों के बावजूद और प्रयास करने की जरूरत है।
अंत्योदय परिवारों को बीपीएल सुविधा:
चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव दीपक उप्रेती ने एक आदेश जारी कर बजट घोषणा के तहत बीपीएल परिवारों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से देय सभी सुविधाएं प्रदेश के अंत्योदय परिवारों को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। परिपत्र के अनुसार मुख्यमंत्री बीपीएल जीवन रक्षा कोष योजना एवं बीपीएल परिवारों की महिलाओं के पहले संस्थागत प्रसव पर 5 लीटर सरस देशी घी उपहार स्वरूप अंत्योदय परिवारों को भी दिया जाएगा।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.