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डाउनलोड करेंजयपुर। बाघों की सुरक्षा के लिए अब रणथंभौर के रेंजर डिजिटल कैमरे लेकर जंगल में घूमेंगे। बाघ दिखते ही वे उनकी फोटो खीचेंगे, जिससे उनके शरीर पर होने वाले घाव, उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का अध्ययन किया जा सके। शनिवार को वन मंत्री बीना काक ने रणथंभौर के उप क्षेत्र निदेशक को रेंजरों के लिए 10 कैमरे सौंपे।
इसके बाद बीना काक ने बताया कि कैमरे से ली गई फोटोग्राफ का गहन अध्ययन नियमित और अच्छी तरह से मॉनिटरिंग की जा सकेगी। उसकी बदलती प्रकृति और व्यवहार की भी जानकारी मिलती रहेगी।
ये कैमरे एनजीओ अर्थ मैटर्स फाउंडेशन की ओर से दिए गए हैं। काक ने बताया कि दोनों अभयारण्यों में 100 सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं। इनसे बाघों के आजू-बाजू की स्थिति ठीक से मॉनिटर नहीं हो पा रही। ऐसे में यह विचार किया गया कि रेंजर्स के पास भी कैमरे हों, ताकि वे उन पर हर तरह से नजर रख सकें।
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