पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंजयपुर। केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी को रेल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाना राजस्थान के लिहाज से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे जहां सीपी जोशी और उनसे जुड़े हुए कांग्रेसी नेताओं का कद बढ़ेगा, वहीं पॉवर बैलेंस बना रहेगा। प्रदेश में रेलवे के क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित होने की उम्मीद जगी है। साथ ही रेलवे से जुड़े उद्योग भी बड़ी संख्या में आने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले जब तृणमूल कांग्रेस के यूपीए से अलग होने पर मुकुल रॉय ने रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था, तब पहली बार 24 सितंबर 2012 से 4 अक्टूबर 12 तक सीपी जोशी को रेल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
मेवाड़ के कद्दावर नेता सीपी जोशी को रेलवे जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलने से कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में भी फायदा हो सकता है। रेलवे के क्षेत्र में उपेक्षित रहे आदिवासी बाहुल बांसवाड़ा- डूंगरपुर को भी अब सीपी जोशी से बड़ी उम्मीदें हैं। सीपी जोशी ने पिछली बार रेल मंत्री रहने के दौरान भीलवाड़ा में विंडमिल प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार कराया था। हालांकि बाद में विभाग उनके पास नहीं रहने की वजह से इस प्रस्ताव को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका था।
इसके चलते अप्रैल के प्रथम सप्ताह में सीपी जोशी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर विंडमिल प्रोजेक्ट के लिए जमीन आवंटित करने और रेल मंत्रालय से बाकी औपचारिकताएं पूरी करवाने का आग्रह किया था। विंडमिल से ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए अब उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ी सारी औपचारिकताएं जल्द पूरी होंगी और काम शुरू हो सकेगा।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.