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डाउनलोड करेंजयपुर। तारीख 13 मई 2008 यही वो दिन था जिसकी याद आज भी जयपुर की आबोहवा में महसूस की जा सकती है। मंगलवार के दिन हुए उस खौफनाक मंजर को शायद ही कभी कोई अपनी यादों से निकाल पाए। उस घटना को 5 साल गुजर चुके हैं, लेकिन उसका दर्द कहीं-न-कहीं अब भी हमारी जेहन में जिंदा है।
जयपुर और राजस्थान के इतिहास में पहली बार आतंकवादियों ने सिलसिलेवार बम धमाके किए थे। पुराने शहर (चारदीवारी) के भीड़भाड़ वाले इलाके में आतंकवादियों ने 5 साल पहले मंगलवार शाम को 13 मिनट में छह जगहों पर आठ विस्फोट किए, जिनमें 65 लोगों की मौत हो गई और 230 से ज्यादा घायल हो गए थे। हालांकि आईबी ने मृतकों की संख्या 90 बताई थी। विस्फोटों के बाद पुराने शहर में भारी अफरातफरी और दहशत मच गई। चांदपोल बाजार में साइकिल पर रखा एक जिंदा बम भी बरामद किया गया था।
घायल व मृतकों को एसएमएस अस्पताल में लाया गया। अपनों की खैर-खबर लेने आए लोगों की भारी भीड़ के कारण अस्पताल में पैर रखने की जगह नहीं थी। विस्फोटों के बाद पूरे प्रदेश में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया था। पहला विस्फोट करीब साढ़े सात बजे चांदपोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के सामने हुआ। इसके बाद छोटी चौपड़ के फूल वालों के खंदे में व उसके बाद कोतवाली के सामने खंदे में ब्लास्ट हुआ। इसके साथ ही चौथा ब्लास्ट माणक चौक थाने के खंदे के नुक्कड़, पांचवां मनिहारों के खंदे में बड़ी चौपड़ पर, छठा जौहरी बाजार में नेशनल हैंडलूम के सामने व सातवां सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर के सामने हुआ। पुलिस के अनुसार यह ब्लास्ट मीडियम क्षमता के थे।
आगे की स्लाइड्स में देखिए उस दिन की कुछ तस्वीरें...
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