हेरिटेज लुक में नजर आएगा मेट्रो स्टेशन
चांदपोल मेट्रो स्टेशन को पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी, 4 तरह की स्टोन से तैयार की गई स्टेशन की दीवार।
जयपुर। मेगा प्रोजेक्ट \'जयपुर मेट्रोÓ को अब खूबसूरत राजस्थानी आवरण पहनाने की तैयारी कर ली गई है। यह आवरण चांदपोल मेट्रो स्टेशन को हेरिटेज और सांस्कृतिक लुक देगा। डीएमआरसी ने यहां का इंटीरियर-एक्सटीरियर तैयार कर लिया है जो किलों और उनकी चारदीवारी का नजारा देगा। मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करते समय ऐसा प्रतीत होगा, जैसे हम किसी महल में प्रवेश कर रहे हों।
ऐसा होगा इंटीरियर :
चांदपोल मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करते ही राजस्थानी अंदाज का अहसास होगा। जमीन पर मांडने होंगे, जो बंधेज की साड़ी के प्रिंट से नजर आएंगे। मेट्रो ट्रेन का टिकट लेकर जैसे ही एस्केलेटर से कोर्न कोर एरिया में उतरेंगे, जहां सिक्योरिटी चेक होगा, वहां ऐसे डिजाइन का प्रावधान किया गया।
4 स्टोन की दीवारें :
स्टेशन की दीवारों को 4 तरह के स्टोन से तैयार किया गया है।
1. सबसे नीचे जेट ब्लैक ग्रेनाइट, उसके ऊपर बिडासर का रेन फॉरेस्ट ब्राउन स्टोन, फिर जयपुर की ब्लू पॉटरी टाइन और ऊपर आंधी का पिस्ता व्हाइट स्टोन लगाया जाएगा।
2. फ्लोर कोटा ग्रीन स्टोन और जोधपुर रेड स्टोन से तैयार होगा।
3. स्टेयरकेस जालौर के क्लासिक रेड ग्रेनाइट (फ्लेम्ड) लगाया जाएगा। एंट्री स्ट्रक्चर पर पहाड़पुर का बंसी स्टोन होगा।
4. प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के ठीक पास सहादर अली ग्रे ग्रेनाइट लगाया जाएगा। इस पर आग की लौ से रफ बनाया जा सकता है, ताकि फिसलन न हो।
इंटीरियर का काम शुरू :
डीएमआरसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अतुल गाडगिल ने बताया कि चांदपोल मेट्रो स्टेशन में इंटीरियर पर आर्किटेक्ट ने वर्किंग शुरू कर दी है। इसे ऐसा डिजाइन दिया जा रहा है कि यह देश में सबसे अलग लगे।
पर्यटन स्थल होगा स्टेशन :
पूरा बनने के बाद चांदपोल स्टेशन राजस्थान का महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन जाएगा। देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए यह एक विशेष हेरिटेज बिल्डिंग से कम नहीं होगा।
बेंगलुरू टीम ने संभाला मोर्चा :
जयपुर मेट्रो के लिए ट्रेन के कोच आने से करीब 10 दिन पहले ही भारत अर्थ मूवर्स लि. बेंगलुरू की टीम ने मानसरोवर मेट्रो डिपो में सभी कोच के अनलोडिंग की तैयारी कर ली है। 30 अप्रैल को बेंगलुरू से रवाना हुए चार कोच महाराष्ट्र के मॅनोर तक पहुंच गए हैं। यह गुजरात की सीमा से 100 किलोमीटर दूरी पर है। गुजरात में वापी से प्रवेश करेगी। 20 मई तक जयपुर पहुंचने की पूरी उम्मीद है।
बीईएमएल के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर वी.एम. माथुर के नेतृत्व में सोमवार को इस टीम ने मेट्रो डिपो पर काम की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। यह टीम 2 साल तक जयपुर मेट्रो के लिए ट्रेन संचालन का नेतृत्व करेगी। चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर माथुर ने बताया कि टीम के साथ 17 इंजीनियर्स की टीम जयपुर पहुंच गई है। 18 टेक्नीशियंस एक-दो दिन में पहुंच जाएंगे। सभी इंजीनियरों को टीम लीडर्स के रूप में काम सौंपा गया है।