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डाउनलोड करेंजयपुर। शहरी विकास के लिए राजस्थान को इस साल केंद्र सरकार से करीब 3000 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। यह राशि जवाहरलाल नेहरू नेशनल रिन्युअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत नाली, सीवरेज, सड़क और आधारभूत सुविधाओं के लिए मिलेगी। मिशन के तहत केंद्र सरकार इस साल विभिन्न प्रदेशों को करीब 14000 करोड़ रुपए बांटेगी।
नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि केंद्र सरकार से यह राशि लेने के लिए 1500 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) भेजी जा चुकी है। जबकि 1200 से 1300 करोड़ रुपए के कामों की डीपीआर लगभग तैयार है, जो जल्दी ही भेज दी जाएंगी। धारीवाल ने बताया कि शहरी विकास मंत्रालय अब अगले साल शुरू हो रहे जेएनएनयूआरएम के दूसरे चरण में पहले आओ पहले पाओ के तहत प्रोजेक्ट के आधार पर राशि उपलब्ध कराएगा।
पहले चरण में 50 शहर होंगे मिशन सिटी:
योजना आयोग के वर्किंग ग्रुप की बैठक में शामिल होकर लौटे नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव जी.एस. संधू ने बताया कि जेएनएनयूआरएम-2 में पैसा लेने के लिए अब राज्यों को ज्यादा से ज्यादा प्रोजेक्ट भेजने होंगे। इसके तहत हर शहर का सिटी डवलपमेंट प्लान (सीडीपी) बनाना होगा। इस प्लान के आधार पर ही पैसा मिलेगा। राजस्थान में पहले चरण में 50 शहरों को मिशन सिटी बनाते हुए इनका सीडीपी तैयार किया जाएगा। ये सिटी डवलपमेंट प्लान मार्च, 2014 तक तैयार होंगे। अभी जयपुर और अजमेर-पुष्कर ही मिशन सिटी हैं।
राजस्थान के प्रोजेक्टों की स्टडी करने के निर्देश:
योजना आयोग के वर्किंग ग्रुप की बैठक में राजस्थान के कई प्रोजेक्टों को सराहा गया। इनमें पीपीपी मोड पर जयपुर में टनल का निर्माण, रिंग रोड परियोजना, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, हर शहर का मास्टर प्लान तैयार करने, ट्रांसपोर्ट सेवाओं के लिए अलग फंड बनाने, अफोर्डेबल हाउसिंग समेत कई प्रोजेक्टों की जानकारी दी गई। शहरी विकास मंत्रालय के सचिव ने इनकी सराहना करते हुए अन्य प्रदेशों को राजस्थान जाकर इनकी स्टडी करने के निर्देश दिए।
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