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डाउनलोड करेंजयपुर। राजीव गांधी ने 21वीं सदी का जो नारा दिया था, जो वे इसके लिए चाहते थे, हम राज्य में उसी सोच को लेकर आगे बढ़ गए हैं। लैपटॉप और टेबलेट से स्टूडेंट्स आईटी के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। किसकी किस्मत कहां ले जाएगी, कोई नहीं जानता। मुख्यमंत्री गहलोत यहां के मालवीय नगर स्थित राजकीय बालिका स्कूल में राजीव गांधी विद्यार्थी डिजिटल योजना के शुभारंभ के मौके पर समारोह के दौरान ये बातें कही।
उन्होंने कहा कि जब हमने साइकिल के लिए कैश दिया तो कुछ लोगों ने आलोचना की, लेकिन अनुभव अच्छा रहा। एक लड़की साइकिल लेकर स्कूल गई तो दूसरी ने अपने परिवार में जाकर साइकिल की डिमांड की और बांटे गए कैश से साइकिलें आ गई वो भी उनके पसंद की। ऐसे ही उन्हें उम्मीद है कि स्टूडेंट्स 6 हजार रुपए के चैक का उपयोग तुरंत ही टैब खरीदने में कर लेंगे। इससे पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी। जिसके पास ज्ञान है वह पावरफुल है। नई पीढ़ी भी अब पावरफुल होगी तो देश और विदेशों की कंपनियों में उनके लिए रास्ते खुल जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन्हें टैब नहीं मिल रहे हैं वे निराश नहीं हों। नंबर तो बढ़ते जाएंगे, आप पढऩे में मन लगाएं। सरकार टैब बांटने में कोई परवाह नहीं करेगी।
मैं भी झंडे लेकर ऐसे ही घूमता था, बदल गई किस्मत:
वे बीमारू हैं जो बार-बार इंग्लैंड जाते हैं :
समारोह में नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि वे सरकार को बीमारू सरकार कहते रहे। जबकि हमने तो इतनी योजनाएं दीं। उन्होंने खजाना खाली कर दिया था, जिसे भरने में हमें तीन साल लगे। अब दो साल में योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपए का लाभ आमजन को दिया है। बीमारू तो वे हैं जो बार-बार इंग्लैंड जाते हैं, इलाज कराने। समारोह को सांसद महेश जोशी ने भी संबोधित किया। स्वागत प्रमुख सचिव (शिक्षा) वीनू गुप्ता ने किया। इस मौके पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ए. अहमद खां, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष माहिर आजाद, राजस्थान फाउंडेशन के उपाध्यक्ष राजीव अरोड़ा, महापौर ज्योति खण्डेलवाल तथा विधायक भगवान सहाय सैनी भी मौजूद थे।
Photo-Mahendra Sharma, Alok khandelwal
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