• Hindi News
  • पहनावे में गल्र्स ने कुछ यूं समझाई सोशल नेटवर्किंग साइट्स की भूमिका

पहनावे में गल्र्स ने कुछ यूं समझाई सोशल नेटवर्किंग साइट्स की भूमिका

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जयपुर। मंच पर गल्र्स के चेहरों पर गुस्सा और चेहरे पर संवेदनाएं। बात जब सोशल नेटवर्किंग साइट्स की भूमिका जाहिर करने की आई तो हर कोई बेस्ट जानकारी देने के लिए आतुर रहा। ये नजारा था गांधी नगर स्थित राजकीय महिला पोलीटेक्नीक कॉलेज में चल रहे कार्यक्रम आरोही-2013 के दूसरे दिन का। गल्र्स ने डिबेट में सोशल नेटवर्किंग की उपयोगिता के बारे में बताया।

इसके बाद माहौल को कुछ हल्का करने के लिए कल्चरल प्रोग्राम का आयोजन हुआ, जिसमें स्टूडेंट्स ने स्टेज परफॉर्मेंस में समां बांध दिया। किसी ने ड्रेस में एक्सपेरिमेंट करके तो किसी ने कपड़ों पर ही मैसेज लगाकर परफॉर्म किया। इसमें इंस्ट्रूमेंटल प्रोग्राम में ढोलक, गिटार, बांसुरी और सिंथेसाइजर पर प्रस्तुतियां दीं। वहीं नुक्कड़ नाटक में भूण हत्या, त्रासदी, एडिस अटैक , भ्रष्टाचार ओर रोड एक्सीडेंट आदि के बारे में बताया। फिर जब बात गानों की आई तो स्टूडेंट्स ने सिंगिंग कला का परिचय दिया और टीचर्स को सम्मान देते हुए गीत प्रस्तुत किए।