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डाउनलोड करेंजयपुर। भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए राजस्थान में सशक्त लोकायुक्त बनाने की मांग उठी है। वर्तमान में राज्य में जो लोकायुक्त कानून है, उसमें 40 साल में एक भी मामले में सजा नहीं हुई है।
राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पानाचंद जैन ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि राज्य में 1973 से लोकायुक्त है। लेकिन अधिकार नहीं होने से आज तक किसी भी भ्रष्टाचार के मामले में सजा नहीं हो पाई है। इसकी जगह नया सशक्त लोकायुक्त विधेयक लाने की जरूरत है।
लोकायुक्त के पास जांच के साथ साथ सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त स्वतंत्र पुलिस होनी चाहिए। नए लोकायुक्त में जिस भी सदस्य की नियुक्ति हो, उसके पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। इन सदस्यों की नियुक्ति के लिए एक सर्च कमेटी बनाई जाए। एक लोकपाल पूरे राज्य को नहीं संभाल सकता। ऐसे में इसमें कई बैंच बनाने की व्यवस्था रहे। हर मामले की सुनवाई के लिए टाइम लाइन तय हो।
सशक्त लोकायुक्त के लिए आम आदमी भी अपने सुझाव दे सकता है। इस दौरान पूर्व न्यायाधीश जीएस होरा, प्रयास संस्था के संचालक सेवानिवृत्त कमांडर यशवंत प्रकाश शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता पीएन मेंदोला भी मौजूद थे।
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