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8 वर्ष पहले
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जयपुर। विधानसभा की आज की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्ष ने आरटेट मु्द्दे पर सदन में हंगामा किया। शिक्षामंत्री कालीचरण सराफ प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से आरटेट के सम्बन्ध में पूछे गए प्रश्नों के जवाब में मामले को सुप्रीमकोर्ट में विचाराधीन होने का हवाला देते हुए कहा कि न्यायालय का फैसला आने के बाद ही इस सम्बन्ध में कोई निर्णय लिया जा सकेगा। शिक्षामंत्री के इस जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। कांग्रेसी विधायक टेट खत्म करो, टेट खत्म करो के नारे लगाते हुए हुए वेल में पहुंच गए। और फिर इसके बाद सदन से वॉकआउट भी कर दिया। गौरतलब है कि विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद ही स्पीकर कैलाश मेघवाल ने विधायकों से वेल में नहीं आने और सुचारु रूप से सदन चलने की अपील की थी। वहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने विधानसभा में चिकित्सा संस्थानों में व्याप्त कमियों को दूर करने की बात कही।
इसके पहले गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल का अभिभाषण हुआ जिसमें राज्यपाल मारग्रेट अल्वा ने सरकार के अगले एक साल के कामकाज का खाका पेश करते हुए सरकार का विज़न क्लीयर किया। तो वहीं राजे कैबिनेट की बैठक में 15 लाख लोगों को नौकरी देने और वन अधिनियम की धारा 26 और 33 में संशोधन का फैसला किया गया। गौरतलब है कि गहलोत सरकार ने वनभूमि पर कब्जा करने पर 25 हजार जुर्माना राशि करने का फैसला किया था जिसमें संशोधन करते हुए राजे कैबिनेट में ये जुर्माना 500 रुपए करने का फैसला किया।