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सीनियर सिटीजन से भेदभाव : मेडिकल कॉलेज में 65 तो जिला अस्पताल में 60 साल

7 वर्ष पहले
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जयपुर। राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब 60 साल की उम्र को वरिष्ठ नागरिक मानते हुए निशुल्क इलाज के आदेश जारी किए हैं। लेकिन मेडिकल कॉलेजों में 60 से ऊपर व 65 से नीचे की उम्र के बुजुर्गों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।

सरकारी अस्पतालों का अलग-अलग नियम होने के कारण वरिष्ठ नागरिकों के सामने संकट खड़ा हो गया है। हाल ही में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (ग्रुप-2) प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिकों की उम्र 65 की जगह 60 कर दी है। जबकि एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर समेत अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा में वरिष्ठ नागरिकों की उम्र 65 निर्धारित कर रखी है। जिसके कारण वरिष्ठ नागरिकों को खासी दिक्कत हो रही है।

जयपुर के जिला स्तरीय कांवटिया, मालवीय नगर के जयपुरिया, सेटेलाइट बनीपार्क एवं सेठी कॉलोनी में एमआरआई, सीटी, ईई जी, टू डी ईको, टीएमटी एवं कैंसर जैसी बीमारियों की जांच सुविधा नहीं है।

संयुक्त शासन सचिव चुन्नीलाल कायल ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (ग्रुप-2) विभाग ने 24 जनवरी को आदेश जारी कर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिकों की उम्र 65 वर्ष की बजाय 60 साल की उम्र के लोगों को निशुल्क इलाज एवं जांच सुविधा मिल सकेगी।

एसएमएस अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ.अजीत सिंह का कहना है कि हमारे यहां पर अभी तक वरिष्ठ नागरिक की उम्र 65 ही है। सरकार से 60 साल करने के कोई आदेश नहीं मिला है।