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डाउनलोड करेंजयपुर। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में हुए हजारों प्रवेश पर संकट खड़ा हो गया है। शिक्षा विभाग ने अब तक इन प्रवेशों की पुनर्भरण राशि जारी नहीं की है। ऐसे में निजी स्कूल संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी राशि नहीं मिली तो इनका प्रवेश या तो रद्द किया जाएगा या फिर इनसे फीस की वसूली शुरू कर दी जाएगी।
विभाग ने पहले 10 जनवरी तक भुगतान करने की घोषणा की थी, लेकिन ऐनवक्त पर इस काम को रोक दिया गया। इसके बाद अब तक इस स्कूलों को पुनर्भरण राशि देने का यह काम शुरू नहीं हो पाया है।
निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण वे इस राशि से वंचित हैं। वे आए दिन नए नए नियम बनाते हैं और सत्यापन का तरीका बहुत लंबा कर रखा है। उन्हें इस काम में पूरा साल लग गया। जबकि उन्हें पहली किस्त अक्टूबर में मिलनी थी।
राज्य के 37 हजार स्कूलों में करीब 2 लाख बच्चों ने निशुल्क प्रवेश पाया था। इसमें से अभी तक बड़ी संख्या में स्कूल ऐसे हैं जिनका भौतिक सत्यापन भी नहीं हुआ है।
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