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डाउनलोड करेंजयपुर। दिल्ली सरकार ने स्कूलों में नर्सरी कक्षाओं में मैनेजमेंट कोटा खत्म करने की पहल की है। लेकिन जयपुर सहित राज्य के बड़े स्कूलों में मैनेजमेंट कोटा के आधार पर प्रवेश हो रहे हैं। दिल्ली की तर्ज पर राजस्थान में भी मैनेजमेंट कोटा को खत्म करने की मांग उठी है।
पैरेंट्स वेलफेयर सोसायटी के प्रवक्ता रवि शंकर शर्मा का कहना है कि निजी स्कूलों में मैनेजमेंट कोटा कमाई का जरिया बनता है। मैनेजमेंट इन सीटों पर उन अभिभावकों के बच्चों को प्रवेश देता है, जो डोनेशन देते हैं। ऐसे में सामान्य अभिभावकों के बच्चों के प्रवेश का हक मारा जाता है। राज्य सरकार को भी इस दिशा में कदम उठाकर राज्य के निजी स्कूलों में मैनेजमेंट कोटा खत्म कर देना चाहिए।
दिल्ली में यह हुआ निर्णय :
पिछले दिनों दिल्ली में उपराज्यपाल ने निजी स्कूलों में प्रवेश की गाइडलाइन जारी करते समय निजी स्कूलों की नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश का मैनेजमेंट कोटा खत्म कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अशोक अग्रवाल का कहना है कि शिक्षा का अधिकार कानून के अनुसार स्कूलों में मैनेजमेंट कोटा नहीं होना चाहिए।
स्कूलों में प्रवेश लेने का सबको समान अधिकार है। दिल्ली में कोटा खत्म किए जाने के बाद निजी स्कूल संचालक हाईकोर्ट गए थे। वहां से उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। राजस्थान में भी राज्य सरकार को स्कूलों में मैनेजमेंट कोटा खत्म करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाना चाहिए।
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