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डाउनलोड करेंजयपुर। जिले में 14 बीघा 1 बिस्वा जमीन के एक भूखंड पर स्थगन आदेश के बावजूद भी गलत तथ्य पेश कर रजिस्ट्री कर दी। मामले का पता चलने पर घबराए तहसीलदार ने जमवारामगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
इसी मामले में स्टे धारक राजू लाल सैनी ने भी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। ये मामला जमवारामगढ़ तहसील में नायला में 14 बीघा जमीन पर चल रहे पारिवारिक झगड़े के मुकदमे का है।
एसडीएम कोर्ट में इस जमीन पर अलग-अलग मामलों में मुकदमों में स्टे लगा हुआ था। इनमें से एक मुकदमा 21 जनवरी को खारिज कर दिया गया। वहीं दूसरा मामले में अभी तक अपील जारी है।
इसमें खारिज हुए मामले के एक रकबा 121 की 2 बीघा 17 बिस्वा जमीन के दस्तावेज पेश कर रजिस्ट्री करवा दी। जबकि इसी जमीन पर दूसरे मुकदमे में स्टे लगा हुआ था। मामले का पता चलने पर तहसीलदार ने जमवारामगढ़ मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
तहसीलदार लक्ष्मीकांत कटारा के मुताबिक नायला गांव की 14 बीघा जमीन पर दो मुकदमों में स्टे था। इनमें से एक में खारिज हो गया था। जबकि दूसरा मुकदमा खारिज नहीं हुआ। क्रेता-विक्रेता ने पहले खारिज मुकदमे के दस्तावेज पेश कर रजिस्ट्री करवाई।
इस मामले में जमवारामगढ़ मामले में क्रेता-विक्रेता के खिलाफ गलत तथ्य पेश कर रजिस्ट्री कराने का मामला दर्ज करवाया है। उधर जमवारामगढ़ थाना इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने बताया कि तहसीलदार ने बचाव में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। परिवाद दर्ज कर जांच की जा रही है।
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