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डाउनलोड करेंजयपुर। पंजीयन व मुद्रांक विभाग ने सांगानेर व आमेर तहसील की नई खुली उपतहसील से जुड़े इलाके में एनीव्हेयर सिस्टम से जमीन की रजिस्ट्री बंद कर दी है। अब आमेर की नई बनी रामपुरा डाबड़ी, जाहोता व मूंडोता तथा सांगानेर की बगरू उपतहसील से जुड़े इलाके की जमीन की रजिस्ट्री केवल संबंधित उपतहसील के कार्यालय में ही की जाएगी।
विभाग के इस फैसले पर वकीलों ने आक्रोश जताया है और दी डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन ने गुरुवार को सबरजिस्ट्रार में रजिस्ट्री का काम व कलेक्ट्रेट में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। इसके साथ ही वकीलों ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया।
पंजीयन व मुद्रांक विभाग ने 2006 में जिले के सभी सबरजिस्ट्रार व तहसील कार्यालयों को ऑनलाइन करते हुए एनीव्हेयर सिस्टम से जमीन की रजिस्ट्री करने की सुविधा दी थी। लेकिन बाद में पिछली सरकार ने शिकायतों के बाद एनीव्हेयर सिस्टम को सीमित करते हुए केवल शहर के सबरजिस्ट्रार कार्यालयों के साथ ही आमेर, जयपुर व सांगानेर तहसील को भी इस सिस्टम से जोड़े रखने का फैसला लिया था।
अब विभाग ने पिछले बजट में खोले गए उपतहसील कार्यालयों को एनीव्हेयर सिस्टम से नहीं जोडऩे का फैसला लिया है। ऐसे में दूसरे इलाकों के रहने वाले लोगों को संबंधित उपतहसील क्षेत्र में जमीन या भूखंड खरीदने पर वहीं जाकर रजिस्ट्री करवानी होगी। नई प्रक्रिया का वकीलों ने विरोध शुरु कर दिया है।
दी डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील शर्मा व महासचिव राजकुमार शर्मा का कहना है कि नई व्यवस्था आम लोगों को परेशान करने वाली है।
सभी आम लोगों को साथ लेकर एक दिन की हड़ताल पर हैं और कोई भी न्यायिक कार्य नहीं किया। इसके साथ ही सबरजिस्ट्रार कार्यालयों में जमीनों की रजिस्ट्री भी नहीं की। बार एसोसिएशन की ओर से वित्त सचिव को मांग का ज्ञापन भी दिया।
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