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डाउनलोड करेंजयपुर। विद्युत वितरण निगमों के अध्यक्ष आर.जी.गुप्ता ने गुरुवार को अधिकारियों से कहा कि वे विद्युत उत्पादन, प्रसारण व वितरण का 12वीं व 13वीं पंचवर्षीय योजना का प्लान तैयार करें। ताकि पांचों कम्पनियों में समन्वय रहे। साथ ही बिजली की मांग, उपलब्धि व आपूर्ति में सुगमता से संतुलन रखा जा सके।
गुप्ता बुधवार को पांचों विद्युत कम्पनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में सर्दियों में अधिकतम आवश्यकता के समय में बिजली की मांग 9500 मेगावाट रहती है।
राज्य में बिजली की मांग में वार्षिक वृद्घि दर 9.7 प्रतिशत रहती है। बिजली की मांग दर में वृद्घि को ध्यान में रखकर उत्पादन, प्रसारण व वितरण निगम द्वारा 12वीं पंचवर्षीय योजना की शेष अवधि के लिए तथा 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए प्लान तैयार किया जाएगा।
गुप्ता ने कहा कि राज्य में वर्ष 2016-17 में 2000 मेगावाट बिजली सरप्लस होगी। बैठक में बताया गया कि 13वीं पंचवर्षीय योजना के अंत में राज्य में अधिकतम आवश्यकता के समय में 26600 मेगावाट रहेगी।
इस तथ्य को भी ध्यान में रखते हुए उत्पादन, प्रसारण व वितरण निगम अपनी 13वीं पंचवर्षीय योजना को मूर्त रुप दें। बैठक में उत्पादन निगम के सीएमडी व प्रसारण निगम के तकनीकी निदेशक ने भी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में उत्पादन निगम के सीएमडी एन.एम.माथुर, जयपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक ए.के.गुप्ता, अजमेर व जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक, निदेशक (पीटी) तथा प्रसारण निगम के तकनीकी निदेशक उपस्थित थे।
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