जयपुर। भारतीय बॉक्सिंग में डेढ़ साल से चल रहे विवाद का अब पटाक्षेप हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग फैडरेशन की देखरेख में गुरुवार को मुंबई में बॉक्सिंग इंडिया के पहले चुनाव हो गए। राजस्थानी मूल (सुजानगढ़, चुरू) के संदीप जाजोदिया बॉक्सिंग इंडिया के पहले अध्यक्ष बने हैं।
निर्विरोध निर्वाचन के बाद जाजोदिया ने मुंबई से भास्कर को फोन पर इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने बॉक्सिंग की वर्तमान स्थिति के अलावा भविष्य की अपनी रणनीति पर खुलकर बात की। बड़ा उद्योगपति होने के बावजूद इस संघ से जुड़ने के अपने कारणों का खुलासा किया। जाजोदिया मोनेटे कंपनी के सीएमडी हैं। यह कंपनी भारतीय बॉक्सिंग संघ की कई साल से प्रायोजक भी रही है।
भास्कर : विवाद में चल रही बॉक्सिंग को फिर से पटरी पर लाना कितना चुनौतीपूर्ण होगा?
जाजोदिया : मैंबॉक्सिंग से काफी समय से जुड़ा हुआ हूं और पिछले डेढ़ साल से इसकी बुरी दशा भी देख रहा हूं। मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि अब बुरे दिन खत्म होने वाले हैं और अच्छे दिन अाने वाले हैं। दुनिया में परचम लहराने वाले भारतीय बॉक्सरों को विश्वास दिलाता हूं कि अब वे निराश हों और मेहनत से जुट जाएं। मैं पूरी तरह से उनके साथ हूं। हालांकि पिछले डेढ़-दो साल में हमने जो खोया, उसे वापस नहीं ला सकते। फिर भी यह कहूंगा कि इस खेल को पटरी पर लाना अब ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं रहेगा।
भास्कर: चुनाव को लेकर बार-बार विवाद हुआ। एआईबीए से भले ही मान्यता मिली हो, लेकिन क्या आईओए से भी आपको हरी झंडी मिलेगी?
जाजोदिया : बॉक्सिंगमें संभवतया पहली बार गुप्त मतदान से चुनाव हुआ है। इससे ज्यादा किसी चुनाव में क्या पारदर्शिता हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बॉडी के पर्यवेक्षक मौजूद थे। 33 यूनिट़्स ने चुनाव में भाग लिया। मुझे नहीं लगता कि अब आईओए को कोई समस्या होगी। इसके बावजूद यदि उनको कोई आपत्ति होगी, तो हम उसका भी निबटारा करने का प्रयास करेंगे। वैसे आईओए भी बॉक्सिंग के हित में ही काम करेगा।
भास्कर: बॉक्सिंग को बढ़ावा देने के लिए भविष्य की आपकी योजनाएं क्या होंगी?
जाजोदिया : मेरापहला काम तो नियमित रूप से नेशनल चैंपियनशिप कराने का रहेगा, जो पिछले काफी समय से बंद पड़ी हैं। पुरुषों का टूर्नामेंट हम देहरादून में तथा महिलाओं का रायपुर में कराने जा रहे हैं। अगर देश की प्रतिभाओं को जंग लगाने से बचाना है, तो राज्य नेशनल टूर्नामेंट नियमित रूप से होने चाहिए। मैंने सभी राज्य संघों को कह दिया है कि वे जिला स्तर पर भी नियमित टूर्नामेंट कराएं। तभी छिपी हुई प्रतिभाएं सामने आएंगी। हम भारतीय बॉक्सिंग का परचम दुनिया में लहराना चाहते हैं। पहले की तरह बॉक्सिंग किसी एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द नहीं घूमेगी, बल्कि सभी राज्य संघों से सलाह-मशविरा करने के बाद ही निर्णय होंगे।
भास्कर: देश में विभिन्न खेलों की लीग हो रही है, जिससे खिलाड़ी भी मालामाल हो रहे हैं। क्या बॉक्सिंग में भी इसी तरह की लीग कराने की योजना है?
जाजोदिया : बिलकुलहम योजना पर जल्द ही काम करेंगे। देश में अब खेलों के प्रति रुझान बदला है और क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों के प्रति भी लोगों की रुचि बढ़ी है। हम सभी राज्य संघों से विचार-विमर्श करके इसका ब्लू प्रिंट तैयार करेंगे। वैसे कुछ साल पहले विश्व सीरीज बॉक्सिंग शुरू हुई थी। हम चाहेंगे कि उसके मैच भी देश में हों और हमारे खिलाड़ी उसका हिस्सा बनें।
भास्कर: आपकी कंपनी भारतीय बॉक्सिंग फैडरेशन की लंबे समय से प्रायोजक रही है, ऐसे क्या अब अध्यक्ष बनने पर आप पर सवाल नहीं उठेंगे?
जाजोदिया : ऐसाकुछ नहीं है। मैंने हमेशा बॉक्सिंग के लिए काम किया है। अब भी राज्य संघों से जुड़े लाेगों ने ही मुझसे अध्यक्ष बनने का आग्रह किया था। इसमें मेरा कोई छिपा हुआ व्यक्तिगत हित नहीं है। मैं अध्यक्ष नॉमिनेट नहीं हूं, बल्कि निर्विरोध चुना गया हूं। मैं तो बॉक्सिंग के बढ़ावे के लिए ही काम करूंगा और कोशिश करूंगा कि ज्यादा से ज्यादा स्पोंसर इस खेल से जुड़ें। भविष्य में आप मेरा काम देखेंगे, तो ये आरोप अपने आप ही गलत साबित हो जाएंगे।
खास बात: बॉक्सिं गइंडिया से पहले देश में इस खेल का संचालन भारतीय बॉक्सिंग फैडरेशन द्वारा किया जाता था। उसके अध्यक्ष भी राजस्थान के ही अभिषेक मटोरिया थे, जो भाजपा विधायक भी हैं। अब नई बनी संस्था बॉक्सिंग इंडिया के अध्यक्ष भी राजस्थानी मूल के हैं। |
फोटो: बॉक्सिंग इंडिया के पहले अध्यक्ष बने संदीप जाजोदिया।