पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जयपुर का जवान, जिसने बचाई ७५०० कश्मीरियों की जान

जयपुर का जवान, जिसने बचाई ७५०० कश्मीरियों की जान

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
फोटो: राहत कार्यों में जुटी वायुसेना। इनसेट में जयपुर के फ्लाइट लेफ्टिनेंट अभिमन्यु सिंह।
जयपुर। जम्मू कश्मीर में बाढ़ से आई आपदा में वायुसेना का जज्बा किस कदर लोगों की जान बचा रहा है, उससे भला कौन वाकिफ नहीं होगा। लेकिन कुदरत के इस कहर के बीच फंसे लोगों को सकुशल निकाल लाने में जयपुर के एक जवान की भूमिका भी कम नहीं है। इस जवान ने अदम्‍य साहस का परिचय देते हुए कश्मीर में 7500 लोगों की जान बचाई हैं। यही नहीं उसकी पत्‍नी भी राहत कार्यों में जुटी हुई हैं और इसके लिए उन्‍होंने एक महिला टीम भी बना रखी है।
हम बात कर रहे हैं जयपुर के भगवान बाहुबली नगर, निवारू रोड झोटवाड़ा निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अभिमन्यु सिंह और उनकी पत्‍नी मोनिका सिंह की। अभिमन्‍यु वर्तमान में जम्मू कश्मीर के ऊधमपुर में पोस्टेड हैं और बाढ़ राहत कार्य के दौरान हेलीकॉप्टर एमआई-17वीं-5 की कमान संभाले हुए हैं। सिंह अपने अदम्य साहस से 7 दिन से कश्मीरियों और पर्यटकों की जान बचाने में लगे हुए हैं। उनके राहत कार्यों में अब तक 7500 लोगों को सकुश्‍ाल बचाया जा चुकी है।
पिता ने कहा, मुझे गर्व है अपने बेटे पर
अभिमन्यु सिंह के पिता नरेंद्र सिंह कहते हैं कि, जो लोग बचकर आ रहे हैं, उनको और उनके परिजनों की खुशी को देखकर हमें भी सुख मिलता है। मुझे गर्व है अपने बेटे पर कि वो इस काम में लगा हुआ है। कश्‍मीर में कुदरत के कहर से लोगों को बचाने में जुटी सेना जो काम कर रही है वह काबिल-ए-तारीफ है। केंद्र सरकार और मीडिया की ओर से सेना को दिए जा रहे हौसले से सेना की हिम्मत और बढ़ गई है।
पत्नी मोनिका भी जुटी हैं राहत कार्यों में, पीडि़तों को दे रही हैं संबल
अभिमन्यु सिंह की पत्नी मोनिका सिंह भी ऊधमपुर में ही हैं। अपने पत‍ि की तरह ही मोनिका भी बाढ़ पीडि़तों की सेवार्थ काम में जुटी हुई हैं। यू्ं तो वहां की स्थिति सामान्य सी हो गई है, लेकिन जो लोग बचाए जा रहे हैं और जिनके घर कश्मीर के अन्य इलाकों में टूट-फूट गए हैं, उनकी सहायतार्थ काम में जुटी हैं। वे पीडि़तों तक न सिर्फ मदद पहुंचा रही हैं बल्कि उन्‍हें इस त्रासदी के दंश से बाहर निकाले का हौसला भी दे रही हैं।
महिलाओं की टीम बनाई और शुरू हो गया काम
मोनिका ने dainikbhaskar.com से कहा, जब सेना के जवान अपनी जान पर खेलकर लोगों को बचा रहे हैं तो भला मैं यहां रहकर मानव सेवा से पीछे कैसेट रहती। ऐसे ही विचारों वाली अन्‍य महिलाओं को अपने साथ लिया और एक टीम तैयार हो गई। हमारी इस टीम ने सेना की तरह लोगों की मदद का बिड़ा उठाया और काम शुरू कर दिया।
आगे देखें: तश्‍वीरों में कश्‍मीर में बाढ़ के बाद के हालात।