जयपुर। शिक्षक दिवस पर दिए गए बयान पर शिक्षामंत्री कालीचरण सराफ ने कहा है कि शिक्षकों को सच स्वीकार करना होगा। राज्य में बोर्ड परीक्षा की 108 मेरिट में से केवल 1 मेरिट सरकारी स्कूल से आई थी। स्कूलों पर हजारों-करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को दुगुनी-तिगुनी तनख्वाह मिलती है। वे निजी स्कूलों के शिक्षकों से अधिक योग्यता रखते हैं। इससे बावजूद यह स्थिति क्यों है?
हिंदी दिवस समारोह के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सराफ ने कहा कि राज्य में 142 स्कूलों में बच्चे ही नहीं पढ़ते और ढ़ाई सौ शिक्षक लगे हैं। यह स्थिति चिंताजनक है। ऐसे में जनता व शिक्षकों को सोचना पड़ेगा कि इसमें कैसे सुधार लाया जा सकता है। शिक्षकों को भी सच स्वीकार करना पड़ेगा। सराफ ने कहा कि पिछले पांच साल में राज्य में शैक्षिक अराजकता का जो माहौल रहा, उसे ठीक करने में एक डेढ़ साल लग जाएगा।