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नहीं रुक रहा डायरिया और वायरल का सिलसिला, बढ़े मरीज

7 वर्ष पहले
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जयपुर। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों का ओपीडी 20 से 25 फीसदी बढ़ गया है। कारण है, वायरल और डायरिया का तेजी से बढ़ना। प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल की ओपीडी में छुट्टी के दिन भी यह आंकड़ा 1500 के पास पहुंच गया है।
वहीं बच्चों में भी ये बीमारी अछूती नहीं है और जेके लोन अस्पताल में प्रतिदिन 500 से अधिक बच्चे डायरिया और वायरल के आ रहे हैं। सोमवार को एसएमएस अस्पताल में इन बीमारियों के सात और जेके लोन में नौ बच्चों को भर्ती किया गया। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी इन दोनों बीमारियों के मरीज काफी बढ़ गए हैं।
डॉक्टरों मुताबिक जुलाई से सितम्बर माह के मध्य तापमान २५ से ३५ डिग्री तक रहता है। वायरस के पनपने के लिए यह तापमान काफी अनुकूल होता है इसलिए इस मौसम में यह बीमारी काफी तेजी से फैलती है।

कहां कितने भर्ती
एसएमएस अस्पताल : पिछले एक सप्ताह में वायरल और डायरिया के मरीजों की काफी संख्या बढ़ी है। एसएमएस अस्पताल में सोमवार को मेडिसिन ओपीडी 1100 से अधिक की रही। इनमें 60 फीसदी मरीज डायरिया और वायरल के रहे। अस्पताल पहुंचे मरीजों में से सात जनों को भर्ती किया गया है।

जेके लोन अस्पताल : बच्चों में भी वायरल और डायरिया बढ़ा है। जेके लोन अस्पताल में सोमवार को 500 का अधिक का आउटडोर रहा। इनमें करीब 75 प्रतिशत मरीज वायरल और डायरिया के थे। यहां नौ बच्चों की तबीयत अधिक खराब होने पर उन्हें भर्ती किया गया है।
जयपुरिया अस्पताल : यहां सुबह नौ बजे से ही मरीजों की कतार लग गई। 11 बजे तक अस्पताल में 700 से अधिक पहुंच चुके थे। इनमें वायरल और डायरिया के काफी मरीज थे। 11 बजे अस्पताल का समय पूरा होने के साथ ही यहां निशुल्क दवा केन्द्र के तीन काउंटर में से दो बंद हो गए और केवल एक ही काउंटर पर दवा दी जाने लगी। भीड़ इतनी अधिक थी कि यहां 12.30 बजे तक दवा दी गई। यदि सभी दवा काउंटर खुले रहते तो मरीजों को जल्दी दवा मिल सकती थी।

यहां भी भीड़
गणगौरी, महिला, जनाना अस्पताल में भी मरीजों की काफी भीड़ रही। सभी अस्पतालों में डॉक्टर्स का कहना था कि बारिश के दिनों में संक्रमण का खतरा काफी अधिक रहता है। खानपान में लापरवाही और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाने से काफी लोग बीमार होते हैं।
क्या करें, क्या नहीं
- घर में या घर के आसपास पानी नहीं भरने दें।
- कूलर, गमले या अन्य जगह भरे पानी को बदलते रहें।
- खाद्य सामग्री खुले में नहीं रखें।
- घर में यदि कोई व्यक्ति बीमार हो तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और अन्य लोगों को दूर रखें।
- ठंडे या पुराने खाने से बचें। दो दिन तक फ्रीज में रखा सामान भी उपयोग में नहीं लें।
- डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें। तीन दिन तक बुखार नहीं उतरे तो सभी जांच करावें।