राजस्थान विधानसभा (फाइल फोटो)
जयपुर। राजस्थान विधानसभा का संक्षिप्त सत्र सोमवार से शुरू हुआ, लेकिन शोकाभिव्यक्ति के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही 17 सितम्बर तक स्थगित कर दी। सूत्रों के अनुसार इस सत्र के दौरान विधानसभा में भूमि अवाप्ति विधेयक 2014 समेत कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में रखे जा सकते है।
जानकारी के मुताबिक सत्र 15 सितंबर के बाद अब 17, 18 और 19 सितंबर तक चलने की संभावना है।
सत्र में यह होगा खास:
विधानसभा के इस सत्र में राजस्थान भू राजस्व अधिनियम की धारा 90 (ए) में संशोधन कर इसमें नई धारा 5 (ए) को जोड़ने की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए बिल पेश किया जाएगा। यह बिल पारित हो जाने पर राज्य में 25 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की गति को बढ़ाने के लिए सौर ऊर्जा, विंड प्लांट एवं सोलर पार्क स्थापित करने के लिए काश्तकार को भू-परिवर्तन की आवश्यकता नहीं होगी और वो 30 से 40 वर्ष तक के लिए भूमि लीज पर दे सकेगा।
सत्र में राजस्थान भूमि अवाप्ति विधेयक 2014 पेश किया जाएगा। इसके अन्तर्गत भूमि अवाप्ति प्रक्रिया में होने वाला विलंब कम होगा। साथ ही इसमें केन्द्रीय एक्ट की तुलना में अधिक मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
केन्द्रीय एक्ट में शहरी क्षेत्र में डीएलसी दर की दोगुना मुआवजा राशि तथा ग्रामीण क्षेत्र के लिए चार गुना मुआवजे का प्रावधान है। राजस्थान के बिल में शहरी क्षेत्र के लिए दो गुना जबकि ग्रामीण क्षेत्र में पांच किलोमीटर तक की दूरी के लिए 2.5 से 5 गुना तथा पांच किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए पांच से नौ गुना तक मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
मल्टी क्रॉप भूमि की अवाप्ति सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए ही की जाएगी। प्राईवेट कम्पनी को भूमि अवाप्ति के लिए 80 प्रतिशत लोगों की तथा पीपीपी मोड़ प्रोजेक्ट के लिए 60 प्रतिशत लोगों की पूर्व सहमति आवश्यक होगी। नकद मुआवजे के स्थान पर 25 प्रतिशत तक विकसित भूमि देने का प्रावधान भी बिल में किया जा रहा है।