जयपुर। बिना नियम बनाए केवल मौखिक आदेशों से एकीकरण की कवायद को अमलीजामा पहनाने का शिक्षक संगठनों ने विरोध प्रारंभ कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी बड़ी कवायद को केवल मौखिक आदेश से ही पूरा कर दिया गया।
अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) के प्रदेशाध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल का कहना है कि एकीकरण में जो गड़बडिय़ां सामने आ रही है। उसका एक कारण यह भी है कि इसके लिए कोई नियम ही नहीं बनाए गए। उन्होंने इस प्रकार के आदेशों को रद्द करने की मांग की है। राजस्थान शिक्षक संघ के प्रांतीय संयोजक विजय उपाध्याय का कहना है कि एकीकरण से पहले नियम बनाए जाते । इसमें शिक्षक संगठनों की राय ली जाती तो सही रहता।
गौरतलब है कि सवाई माधोपुर के जिला कलेक्टर ने डीईओ से नियमों की प्रति मांगी थी। तब डीईओ ने इस बात का खुलासा किया था कि एकीकरण को लेकर उनके पास कोई नियम नहीं आए, केवल मौखिक आदेशों से वे प्रस्ताव भेज देते थे। इसके बाद कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर नियम मांगे हैं।