जयपुर। अब समय आ गया है, कि स्टूडेंट्स की क्वालिटी से उनका प्लेसमेंट होता है। हमें जरूरत है कम्यूनिकेशन स्किल्स सेंटर डवलप करने की, जहां हम कम्यूनिकेशन को बढ़ा सके। देश के भावी इंजीनियर्स के लिए ये कुछ ऐसे विचार थे, जो आरटीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर एनएस व्यास ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहे। वे आर्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड आई टी ओल्ड मेन कैंपस में इंजीनियर्स डे के मौके पर बोल रहे थे। इस मौके पर अन्य
माइक्रोसॉफ्ट और आरटीयू के एक्सपर्ट्स ने भावी इंजीनियर्स को संबोधित किया।
चेयरमेन डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया, स्टूडेंट्स को दुनिया के टॉप एक्सपर्ट से इंटरेक्ट करने के लिए प्रोग्राम आयोजित किया गया। साथ ही कैंपस में माइक्रो सॉफ्ट इनोवेशन सेंटर की शुरूआत की गई। इस अवसर पर एक्सपटर्स के संबोधन से स्टूडेंट्स काफी प्रभावित हुए।
गांवों को तकनीक की जरूरत:
उन्होंने कहा, कि कोई भी प्रोजेक्ट एंटी क्लॉक के सिस्टम की तरह होता है। जैसे इजराइल एक छोटी सा देश है, जिसने इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोसेसिंग इंजीनियरिंग को एक बड़ा प्लेटफॉर्म देते हुए बढ़ावा दिया है। व्यास ने देश के गांवों को विशेष रूप से तकनीक देने की बात की। व्यास ने स्टूडेंट्स को संकल्प कराया, कि हम अब देश में बदलाव लाएंगे।
इंजीनियर्स लेकर आए बदलाव : जेम्स लेंडिस
वहीं माइक्रो सॉफ्ट से आए जेम्स लेंडिस ने कहा, जब 20 साल पहले मैंने माइक्रो सॉफ्ट जॉइन किया था तो यह माना जाता था, कि इंजीनियर्स ही दुनिया में बदलाव ला सकते हैं। आज यह ख्वाब साकार होते हुए देख रहा हूं तो खुशी है। मिसाल के रूप में आज मैं यहां हूं और मेरे साथी मीलों दूर बैठकर मेरी यह सेमिनार देख रहे हैं। इससे पहले हम कभी ऐसा सोच भी नहीं सकते थे। उन्होंने माइक्रो सॉफ्ट के बारे में कहा, उसने ही दुनिया में सबसे पहले दुनिया को ऑपरेटिंग सिस्टम दिया था, जिससे हम आज दुनिया के बदलाव देख रहे हैं।