जयपुर। हवा की शुद्धता जांचने और प्रदूषण के स्तर को जानने के लिए अब भिवाड़ी और कोटा में आधुनिक शुद्धतामापी यंत्र लगाया जाएगा। इन यंत्रों की खासियत यह भी होगी कि यह साल के 365 दिन और 24 घंटे चलेगा।
इतना ही नहीं, सिर्फ अब तक जयपुर और जोधपुर में ही इस तरह के यंत्र स्थापित किए गए हैं। अत्याधुनिक यंत्रों की लागत करीब 110 लाख रुपए है। इस राशि का 50 फीसदी हिस्सा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से मिलेगा।
सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता अनुश्रवण केंद्र की स्थापना के लिए आधी रकम राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल अपनी तरफ से देगा। इस तरह से प्रदेश को सिर्फ आधी राशि खर्च करनी होगी।
भिवाड़ी में वायु गुणवत्ता अनुश्रवण केंद्र को स्थापित करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से 55 लाख रुपये मिल चुका है। शुरुआती एक साल के मेंटनेंस ऑपरेशन का आधा खर्च भी यही बोर्ड करेगा।
उसके बाद राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल खर्च करता रहेगा। कोटा में वायु गुणवत्ता अनुश्रवण केंद्र के लिए कोई भी राशि अभी तक केंद्र से नहीं मिली है। इस राशि के जल्द मिल जाने की उम्मीद है लेकिन इस केंद्र के मेंटनेंस ऑपरेशन के खर्च का मामला अलग तरह का होगा।
इसका खर्च पूरी तरह से राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को करना होगा। खास बात यह होगी कि प्रदेश को इस मामले में आगे बढ़कर खर्च करना होगा।
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव डॉ. डीएन पांडेय के मुताबिक दोनों स्थानों पर अत्याधुनिक यंत्रों से वैज्ञानिक आकलन करने में मदद मिलेगी। इनसे प्रदूषण का सटीक आंकड़ा मिलेगा।
यंत्र क्या-क्या करेगा जांच ----
*पार्टिक्यूलर मैटर 10
*पार्टिक्यूलर मैटर 2.5
*सल्फर डाईऑक्साइड
* नाइट्रोजन डाईऑक्साइड
* कार्बन मोनोऑक्साइड
* ओजोन का स्तर
* बेंजीन टोलिविन जाइलीन
* मौसम संबंधी जानकारी
* अमोनिया
चलेगा तापमान का भी पता
अत्याधुनिक यंत्रों के बदौलत मौसम संबंधी जानकारी मिलेगी। तापमान, वायु दबाव, वायु की दिशा, गति, सोलर रेडिएशन, वर्टिकल विंड वेलोसिटी और आर्द्रता सहित अन्य जानकारियां मिलेंगी। इससे मौसम विभाग को फायदे के साथ ऐसी उम्मीद है कि लोगों को भी नई और सटीक जानकारी मिलने में सहायता मिलेगी।