जयपुर। हैल्थ और योग को लेकर जयपुर राइट्स की अवेयरनेस काफी समय देखी जा रही है । जहां हर आम व्यक्ति योग के माध्यम से खुद को स्वस्थ और फिट रखने का प्रयास कर रहा है, वहीं, दूसरी और वृद्ध और असक्षम व्यक्ति थेरेपी योगा का सहारा लेते नजर आ रहे है। योग के माध्यम में बीमारियाें को दूर करना या चिकित्सा के माध्यम से उन रोगों पर काबू पाने का सरल उपाय इन दिनों जयपुर राइट्स द्वारा पसंद किया जा रहा है ।
क्या है थेरेपी के नये आयाम:
शारीरिक रूप से अक्षम, जटिल बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों के लिए योग को सरल बनाने की प्रक्रिया थेरेपी योग है। जैसे टेबल, कुर्सी, रस्सी, ईट, बुक्स, मसंद, बॉक्स इत्यादि की सहायता से योग और आसान कराया जा रहा है ।
स्लिप डिस्क या कमर दर्द में भी योग:
सपोर्ट सिस्टम के साथ बॉडी को सही पॉश्चर प्रदान कर शरीर में प्राण वायु को पहचान का प्रयास किया जाता है। इस प्रक्रिया की सबसे खास बात ये है कि बढ़ती उम्र के साथ -साथ शारीरिक रूप से असक्षम व्यक्ति भी आसानी से किसी से आसन को आराम पूर्वक कर सकता है। फिर चाहे उसे स्लिप डिस्क,कमर दर्द,जोड़ों का दर्द जैसी समस्या क्यो न हो।
60 की उम्र में भी योग - नो प्रोब्लम:
आमतौर पर बडी उम्र 60 या उससे अधिक आयु के व्यक्ति को आसन करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है सिरसासन ,संर्वागासन जैसे आसन करने में खासा तकलीफ होती है । ऐसे में योग आसनों के इस प्रकार से डिजाइन किया जा रहा है जिससे कि सपोर्ट सिस्टम के लोगों का आसान कराया जा सके ।
क्या कहते है एक्सपर्ट:
यू तो हर आम व्यक्ति आज योग का सहारा लेता नजर आ रहा । पर अधिक उम्र के व्यक्तियों के साथ साथ कुछ कंडीशन विशेष के लिए योग कर पाना कठिन हो जाता है । ऐसे में सपोर्ट सिस्टम के साथ योग को उन व्यक्तियों के लिए सरल बनाया जाता है । आमतौर पर योग भी वही लोग कर पाते है जिन्हें बैक पेन ,उच्च रक्त चाप, स्लिप डिस्क,घुटनों का दर्द इत्यादि जैसी समस्या ना हो। ऐसे में स्पोर्ट सिस्टम के साथ यो को सरल बनाया जा सकता है।